पटना/मोकामा: बिहार इन दिनों बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है। गंगा समेत कई नदियों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी पटना से लेकर मोकामा और बाढ़ तक गंगा का पानी तेजी से रिहायशी और सड़क क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर गंगा का पानी NH-31 के ऊपर से बहने लगा है, जिससे पटना-मोकामा मुख्य मार्ग पर भी आवागमन को लेकर खतरा बढ़ गया है।
मोकामा प्रखंड के शिवनार, बरहपुर और मोर गांव में बाढ़ का पानी सड़क तक पहुंच चुका है। इन इलाकों में गंगा का पानी NH-31 के ऊपर से बह रहा है। सड़क पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि गंगा के जलस्तर में आने वाले दिनों में थोड़ी और बढ़ोतरी होती है, तो पटना-मोकामा NH-31 पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।
कसहा दियारा का संपर्क टूटा, प्रखंड कार्यालय में ली शरण
बाढ़ का सबसे गंभीर असर मोकामा प्रखंड के कसहा दियारा गांव में देखने को मिल रहा है। गांव को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाला संपर्क पथ गंगा की तेज धार में बह गया है। संपर्क सड़क टूट जाने के बाद गांव का प्रखंड कार्यालय से सीधा संपर्क लगभग पूरी तरह टूट गया है।
आवागमन का रास्ता बंद होने के बाद गांव के कई लोग अपने परिवार और जरूरी सामान के साथ प्रखंड कार्यालय में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने परिवार के साथ-साथ मवेशियों को सुरक्षित रखना है।
बाढ़, अथमलगोला और बख्तियारपुर के दियारा इलाकों में भी संकट
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सिर्फ मोकामा तक सीमित नहीं है। बाढ़, अथमलगोला और बख्तियारपुर के दियारा क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। इन इलाकों में रहने वाले लोग अपने जानवर, घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।कई परिवारों ने प्रखंड कार्यालयों और प्रशासन की ओर से बनाए गए बाढ़ राहत शिविरों में शरण ली है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सबनीमा के पास NH-31 पर पहुंचा गंगा का पानी
बख्तियारपुर प्रखंड के सबनीमा के पास भी गंगा का पानी नेशनल हाईवे के ऊपर से बहना शुरू हो गया है। NH-31 जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर पानी का पहुंचना प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय है।यह सड़क पटना को मोकामा और आगे बिहार के कई महत्वपूर्ण इलाकों से जोड़ती है। ऐसे में यदि पानी का स्तर और ऊपर जाता है तो सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बरहपुर के पास रेलवे लाइन की तरफ बढ़ रहा पानी
मोकामा प्रखंड के बरहपुर के पास बाढ़ का पानी तेजी से NH-31 से रेलवे लाइन की तरफ बढ़ रहा है। पानी की दिशा को देखते हुए आने वाले दिनों में रेलवे लाइन के आसपास भी बाढ़ का दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।अगर गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो सड़क के साथ-साथ रेल परिचालन क्षेत्र पर भी दबाव बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि पानी की रफ्तार और फैलाव किस दिशा में आगे बढ़ता है।
गांवों में दहशत, प्रशासन की बढ़ी चुनौती
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने दियारा इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं। लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर राहत शिविरों और ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं।सबसे बड़ी चुनौती मवेशियों को सुरक्षित रखना है, क्योंकि दियारा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ इंसानों के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा भी प्रशासन के लिए अहम चुनौती बन गई है।
NH-31 पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
मोकामा और बख्तियारपुर इलाके में जिस तरह गंगा का पानी NH-31 तक पहुंच चुका है, उसने आने वाले दिनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो पटना-मोकामा NH-31 पर आवागमन बाधित होने की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल दियारा क्षेत्र के लोग प्रशासन से राहत और बचाव व्यवस्था मजबूत करने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। गांवों का संपर्क टूटने के बाद राहत शिविरों में पहुंचे परिवारों के लिए भोजन, पेयजल, पशुओं के चारे और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था बेहद जरूरी हो गई है।
गंगा का पानी जिस तेजी से मोकामा, बाढ़, अथमलगोला और बख्तियारपुर के दियारा इलाकों में फैल रहा है, उससे साफ है कि आने वाले कुछ दिन इन क्षेत्रों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। अब सबकी नजर गंगा के जलस्तर और NH-31 पर पानी की स्थिति पर टिकी है।





