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Bihar News: बिहार में शूटिंग करो, करोड़ों की सब्सिडी पाओ! नई फिल्म नीति का बड़ा असर

बिहार सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत निर्माताओं को 4 करोड़ रुपये तक अनुदान मिलेगा। स्थानीय कलाकारों को काम देने पर 50% अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान।

Bihar News: बिहार में शूटिंग करो, करोड़ों की सब्सिडी पाओ! नई फिल्म नीति का बड़ा असर
Tejpratap
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5 मिनट

Bihar News : बिहार सरकार राज्य में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत फिल्म निर्माताओं को आकर्षक सुविधाएं और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य में शूटिंग करने वाले फिल्म निर्माताओं को अधिकतम चार करोड़ रुपये तक का अनुदान (सब्सिडी) देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही यदि कोई निर्माता बिहार के स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को काम देता है, तो उनके भुगतान की गई राशि का 50 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान भी प्रदान किया जाता है।


मंत्री ने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना, स्थानीय कलाकारों को रोजगार उपलब्ध कराना और राज्य की सांस्कृतिक एवं पर्यटन पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार की फिल्म नीति को तैयार करने से पहले देश के विभिन्न राज्यों की फिल्म नीतियों का अध्ययन किया गया था, ताकि निर्माताओं को बेहतर सुविधाएं दी जा सकें और बिहार फिल्म निर्माण के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन सके।


50 से अधिक फिल्मों को मिली शूटिंग की अनुमति

डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि बिहार में अब तक 50 से अधिक फिल्मों और अन्य प्रोजेक्ट्स को शूटिंग की अनुमति दी जा चुकी है। राज्य में लगातार बढ़ रही फिल्म गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि बिहार अब फिल्म उद्योग के लिए एक उभरते हुए केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।


उन्होंने कहा कि सरकार फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों से लगातार फीडबैक ले रही है ताकि नीति को और प्रभावी बनाया जा सके। फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार भी किए जा रहे हैं।


अब एक ही प्लेटफॉर्म से मिलेगी शूटिंग की अनुमति

फिल्म निर्माताओं की सबसे बड़ी समस्या विभिन्न विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया होती थी। इसे आसान बनाने के लिए बिहार सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है। अब निर्माताओं को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।


निर्माता बिहार फिल्म निगम की आधिकारिक वेबसाइट [Bihar Film Corporation Portal](https://film.bihar.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और आवश्यक अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और फिल्म निर्माण प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी।


कलाकारों और वेंडर्स का तैयार होगा डेटाबेस

फिल्म निर्माण को और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार कलाकारों, तकनीशियनों और वेंडर्स का एक व्यापक डेटाबेस तैयार कर रही है। इससे फिल्म निर्माताओं को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक संसाधन और प्रतिभाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसका लाभ सीधे तौर पर बिहार के युवाओं और कलाकारों को मिलेगा, जिन्हें अपने राज्य में ही काम करने का अवसर प्राप्त होगा।


पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने कहा कि बिहार की फिल्म नीति केवल फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लाभ पर्यटन क्षेत्र को भी मिलेगा। जब फिल्मों में बिहार के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को दिखाया जाएगा, तो उनकी पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी।


उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं की फिल्मों के माध्यम से बिहार की संस्कृति, इतिहास और लोकजीवन की कहानियां बड़े पर्दे पर दिखाई जाएंगी। इससे राज्य की सकारात्मक छवि देशभर में पहुंचेगी और पर्यटन को नई गति मिलेगी।


सरकारी मीडियम’ की शूटिंग बनी उदाहरण

हाल ही में फिल्म “सरकारी मीडियम” की शूटिंग 17 अप्रैल से 1 मई तक पूर्वी चंपारण समेत बिहार के कई जिलों में की गई। इस फिल्म में डॉ. तिस्या श्री, प्रिंस गुप्ता, आयुष पांडेय, रविकांत और गौतम गुलाल जैसे कलाकारों ने अभिनय किया है।


फिल्म के लेखक और निर्देशक राज सागर मोतिहारी के निवासी हैं और लंबे समय से मुंबई फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं। यह फिल्म बिहार में विकसित हो रहे फिल्मी माहौल और स्थानीय प्रतिभाओं के लिए उपलब्ध अवसरों का एक प्रमुख उदाहरण मानी जा रही है।


राज्य सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में बिहार फिल्म निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जिससे रोजगार, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिलेगी।