ब्रेकिंग
गया में रेलवे ट्रैक पार करते दंपती को मालगाड़ी ने कुचला, पत्नी की मौत; पति गंभीरBihar News: एक्साइज सुपरिटेंडेंट का गंदा काम...महिला सिपाहियों से करते हैं छेड़खानी-अश्लील हरकत ! BJP विधायक ने खोली पोल तो मद्य निषेध सचिव ने बिठाई जांच...NH-333A पर बदलेगी तस्वीर, 150 करोड़ से बनेंगे दो नए पुल; खैरा-सोनो के बीच सफर होगा आसानशादी के 4 महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया दहेज के लिए हत्या का आरोपचाय पीने निकला था युवक, रास्ते में ट्रक ने कुचला; मौके पर मौत, ट्रेन से गिरकर असम के युवक ने भी गंवाई जानगया में रेलवे ट्रैक पार करते दंपती को मालगाड़ी ने कुचला, पत्नी की मौत; पति गंभीरBihar News: एक्साइज सुपरिटेंडेंट का गंदा काम...महिला सिपाहियों से करते हैं छेड़खानी-अश्लील हरकत ! BJP विधायक ने खोली पोल तो मद्य निषेध सचिव ने बिठाई जांच...NH-333A पर बदलेगी तस्वीर, 150 करोड़ से बनेंगे दो नए पुल; खैरा-सोनो के बीच सफर होगा आसानशादी के 4 महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया दहेज के लिए हत्या का आरोपचाय पीने निकला था युवक, रास्ते में ट्रक ने कुचला; मौके पर मौत, ट्रेन से गिरकर असम के युवक ने भी गंवाई जान

BIHAR NEWS : '5.83 लाख आवेदन, 53.80 करोड़ सेवाएं और 1.72 लाख भर्तियां'— बिहार सरकार ने डिजिटल प्रशासन पर पेश किया बड़ा रिपोर्ट कार्ड

बिहार सरकार ने डिजिटल प्रशासन को लेकर बड़ा दावा किया है। सहयोग शिविर में 5.83 लाख से अधिक आवेदन, RTPS के तहत 53.80 करोड़ सेवाओं का निस्तारण और 1.72 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

BIHAR NEWS : '5.83 लाख आवेदन, 53.80 करोड़ सेवाएं और 1.72 लाख भर्तियां'— बिहार सरकार ने डिजिटल प्रशासन पर पेश किया बड़ा रिपोर्ट कार्ड
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

BIHAR NEWS : क्या बिहार का प्रशासन अब पूरी तरह डिजिटल हो रहा है? सरकार की ताज़ा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे कई आंकड़े सामने आए, जो प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत देते हैं। सहयोग शिविरों में लाखों आवेदनों के निस्तारण से लेकर RTPS की ऑटो अपील व्यवस्था, पंचायत स्तर पर ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार, HRMS और 1.72 लाख से अधिक पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया तक, सामान्य प्रशासन विभाग ने कई अहम जानकारियां साझा कीं। विभाग के सचिव मो. सोहेल ने बताया कि तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

सहयोग शिविर में 5.83 लाख से अधिक आवेदन

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री की अभिनव पहल के तहत 19 मई से 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में अब तक 5,83,886 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5,33,904 आवेदनों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया है, जबकि शेष मामलों पर संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई जारी है।

उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। यदि किसी आवेदन का निस्तारण तय समयसीमा के भीतर नहीं होता है तो कंप्यूटर सिस्टम स्वतः संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगता है। अधिकारी को ऑनलाइन जवाब देना होता है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है। सचिव ने यह भी बताया कि अब तक किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है।

RTPS के तहत 53.80 करोड़ से अधिक आवेदनों का निपटारा

प्रेस वार्ता में सचिव मो. सोहेल ने बताया कि बिहार लोक सेवा अधिकार (RTPS) अधिनियम के तहत अब तक 53.80 करोड़ से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नागरिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड तथा मजदूर पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में ऑटो अपील सिस्टम लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत यदि निर्धारित समय सीमा में आवेदन का निपटारा नहीं होता है तो वह स्वतः अपील में चला जाता है। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई और 26 जुलाई से विभिन्न सेवाओं में लागू इस नई व्यवस्था के बाद हजारों मामलों का स्वतः निस्तारण भी किया जा चुका है, जिससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

पंचायत सरकार भवनों में 64 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं

राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया है। सचिव ने बताया कि बिहार की सभी पंचायत सरकार भवनों में अब 64 से अधिक ऑनलाइन सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्रमाण पत्र, आवेदन और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हुई है।

लोक शिकायत निवारण प्रणाली भी हुई मजबूत

सरकार के अनुसार लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत अब तक 19.38 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। वहीं सरकारी एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए संचालित शिकायत निवारण प्रणाली में 16,106 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। सचिव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर हो और नागरिकों को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिले।

मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से विभागों को मिल रहा सहयोग

सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना की भी जानकारी दी। सचिव ने बताया कि IIM बोधगया के साथ हुए एमओयू के तहत 107 विशेषज्ञ विभिन्न विभागों में कार्य कर रहे हैं। ये विशेषज्ञ आधुनिक प्रबंधन तकनीकों के आधार पर विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और प्रशासनिक सुधारों में सहयोग कर रहे हैं।

1.72 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी

सरकार ने रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ा दावा किया। सचिव ने बताया कि वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए 1,72,218 रिक्त पदों की अधियाचना विभिन्न आयोगों और चयन संस्थाओं को भेजी जा चुकी है। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया संबंधित आयोगों के माध्यम से जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों में रिक्तियों को भरकर प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।

HRMS पर उपलब्ध है 8 लाख कर्मचारियों का डेटा

डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने के लिए Human Resource Management System (HRMS) को भी व्यापक स्तर पर लागू किया गया है। सचिव के अनुसार राज्य के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों का पूरा डेटा अब HRMS पोर्टल पर उपलब्ध है। इस प्रणाली के माध्यम से कर्मचारियों के वेतन, सेवा विवरण, संपत्ति संबंधी जानकारी तथा अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन किया जा रहा है। इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।

जिज्ञासा केंद्र से लाखों लोगों को मिली जानकारी

सरकार ने बताया कि जिज्ञासा केंद्र के टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अब तक 12,93,887 मामलों में लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इससे नागरिकों को आवश्यक जानकारी एक ही मंच पर प्राप्त हो रही है।

पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन पर सरकार का जोर

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहेल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी सेवाओं की निगरानी, समयबद्ध निस्तारण और शिकायतों के समाधान की व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है, ताकि आम नागरिकों को बिना किसी अनावश्यक देरी के सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल सके।