Bihar Crime News: बिहार के जमुई में शराब तस्करों और उत्पाद विभाग की टीम के बीच शुक्रवार को फिल्मी अंदाज में पीछा करने का मामला सामने आया है. लक्ष्मीपुर की ओर से आ रही विदेशी शराब से लदी एक सफेद स्विफ्ट कार को उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पीछा किया. खुद को घिरता देख कार सवार तस्कर बरहट थाना क्षेत्र के नूमर गांव के पास गाड़ी छोड़कर फरार हो गए. इसके बाद मौके पर पहुंची उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम ने कार को अपने कब्जे में ले लिया.
जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि सफेद रंग की स्विफ्ट कार से विदेशी शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है. सूचना के आधार पर विभाग के सचल दस्ते ने लक्ष्मीपुर की ओर से आ रही संदिग्ध कार का पीछा शुरू किया. टीम को पीछे आता देख चालक ने कार की रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश करने लगा. काफी दूर तक पीछा करने के बाद जब तस्करों को लगा कि वे पुलिस की घेराबंदी से बच नहीं पाएंगे, तो उन्होंने नूमर गांव के पास कार छोड़ दी.
कार में सवार दोनों तस्कर इसके बाद खेतों और ग्रामीण रास्तों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही बरहट थाना पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और वाहन को चारों तरफ से घेर लिया.
कार की तलाशी में मिली विदेशी शराब की खेप
पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने जब लावारिस हालत में खड़ी कार की तलाशी ली तो उसके अंदर और पिछली डिक्की में विदेशी शराब के कार्टन मिले. बताया जा रहा है कि तस्कर कार को लॉक करके फरार हुए थे. इस वजह से वाहन को दोबारा स्टार्ट करने में टीम को करीब एक घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी. तकनीकी जानकारों की मदद से कार स्टार्ट होने के बाद उसे शराब समेत उत्पाद कार्यालय ले जाया गया.
कार्रवाई के दौरान नूमर गांव में यह चर्चा फैल गई कि तस्करों के भागने के बाद कुछ ग्रामीणों ने कार से शराब के कार्टन निकाल लिए. इस खबर के सामने आने के बाद पुलिस ने इसका खंडन किया है.
बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा कार से शराब निकालने या लूटने की बात सही नहीं है. मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि जब्त कार के चेचिस और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक और फरार तस्करों की पहचान की जा रही है.





