Census of India 2027: बिहार में जनगणना के तहत चल रही स्वगणना प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो रही है। इसके बाद शनिवार से मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य शुरू किया जाएगा।
पटना जिले में अब तक 2 लाख 22 हजार 548 परिवारों ने स्वगणना में भाग लिया है। प्रदर्शन के आधार पर पटना जिला फिलहाल पूरे राज्य में चौथे स्थान पर है। मकान सूचीकरण और आवास गणना के लिए प्रगणकों व पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। इस कार्य को 31 मई तक पूरा करने के लिए लगभग 10 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक रिजर्व में रखे गए हैं।
राजधानी पटना राज्य का सबसे अधिक शहरी आबादी वाला जिला है। ऐसे में स्वगणना में इसके शीर्ष स्थान पर रहने की उम्मीद थी, लेकिन यह वैशाली और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों से भी पीछे रह गया।प्रशासन के अनुसार, स्वगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए गए थे। अब मकान सूचीकरण के दौरान घर-घर जाकर विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। प्रगणक प्रत्येक घर से आवश्यक जानकारी जुटाएंगे।
पटना डीएम ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही और पूर्ण जानकारी दें, ताकि जनगणना के आंकड़े सटीक हो सकें। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का विषय है और इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही देश और राज्य के विकास के लिए नीतियां और योजनाएं तैयार की जाती हैं।
