ब्रेकिंग
बिहार के तीन SP और 54 DSP का ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकार ने जारी किया आदेश, पूरी लिस्ट देखिए..✦हादसे के बाद खुला शराब तस्करी का राज... बिना नंबर की कार से शराब की बड़ी खेप बरामद, चालक फरार✦होटल में गर्लफ्रेंड के साथ था दो बच्चों का बाप, शक्तिवर्धक दवाओं की ओवरडोज से मौत✦बालू में दफन मिला 18 साल के युवक का शव... सिर पर गहरे जख्म, पांच दोस्तों पर हत्या का आरोप✦ग्रेटर नोएडा में बंद फ्लैट से 1 करोड़ की चोरी, गहने चुराने के बाद शराब पीकर मचाया उत्पात, दुर्गा पूजा में बिहार गया हुआ था पूरा परिवार ✦बिहार के तीन SP और 54 DSP का ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकार ने जारी किया आदेश, पूरी लिस्ट देखिए..✦हादसे के बाद खुला शराब तस्करी का राज... बिना नंबर की कार से शराब की बड़ी खेप बरामद, चालक फरार✦होटल में गर्लफ्रेंड के साथ था दो बच्चों का बाप, शक्तिवर्धक दवाओं की ओवरडोज से मौत✦बालू में दफन मिला 18 साल के युवक का शव... सिर पर गहरे जख्म, पांच दोस्तों पर हत्या का आरोप✦ग्रेटर नोएडा में बंद फ्लैट से 1 करोड़ की चोरी, गहने चुराने के बाद शराब पीकर मचाया उत्पात, दुर्गा पूजा में बिहार गया हुआ था पूरा परिवार

बिहार सरकार ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के नियम सख्त किए, ऑनलाइन दस्तावेज अनिवार्य

Bihar News: बिहार सरकार ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के नियम सख्त कर दिए, अब आवेदन के दौरान सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा और बिना जरूरी कागजात आवेदन अस्वीकार किया जाएगा।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© File
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब इन प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। बिना जरूरी कागजात के किए गए आवेदन को सीधे अस्वीकार कर दिया जाएगा।


नए प्रावधानों के तहत निवास प्रमाण पत्र के लिए पहचान पत्र के साथ पते से संबंधित वैध दस्तावेज या भूमि से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आय प्रमाण पत्र के लिए पहचान पत्र के साथ आय से जुड़े प्रमाण देना जरूरी होगा। वहीं, जाति प्रमाण पत्र के लिए पहचान पत्र के साथ जमीन का खतियान देना अनिवार्य होगा।


यदि जमीन आवेदक के पिता, दादा या परिवार के अन्य सदस्य के नाम पर है, तो खतियान के साथ वंशावली संलग्न करना अनिवार्य होगा, ताकि पारिवारिक संबंध की पुष्टि हो सके। सरकार ने खतियान, दान पत्र, भूमि संबंधी अन्य दस्तावेज और भूमिहीनों को आवंटित जमीन के कागजात सहित विभिन्न राजस्व अभिलेखों को मान्य दस्तावेज की श्रेणी में रखा है।


जिन आवेदकों के पास भूमि या राजस्व से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें आवेदन के समय स्थल निरीक्षण का विकल्प दिया गया है। ऐसे मामलों में राजस्व कर्मियों द्वारा जांच के बाद ही प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा। सरकार ने यह कदम फर्जी प्रमाण पत्र के मामलों को रोकने और प्रमाण पत्र निर्गमन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए उठाया है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता