Bihar News: बिहार में मरीजों को समय पर आपातकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग एक नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत राज्य की सभी सरकारी एंबुलेंस में जीपीएस लगाया जाएगा। इससे एंबुलेंस की लोकेशन और परिचालन की चौबीसों घंटे ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य एंबुलेंस सेवा को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। दुर्घटना या गंभीर बीमारी जैसी आपात स्थितियों में मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने से ऐसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत एक केंद्रीयकृत नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से सभी सरकारी एंबुलेंस की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। किसी मरीज को आपातकालीन सहायता की जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम उसकी लोकेशन के सबसे नजदीक उपलब्ध एंबुलेंस की पहचान कर उसे रवाना कर सकेगा। इससे एंबुलेंस के पहुंचने में होने वाली देरी कम करने और मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार भविष्य में निजी एंबुलेंस को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके तहत निजी एंबुलेंस की मैपिंग की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी उपलब्धता और लोकेशन की जानकारी मिल सके। इसके साथ ही निजी एंबुलेंस के लिए निर्धारित किराया तय करने की योजना भी है। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों से मनमाना किराया वसूले जाने पर रोक लगाना और आपातकालीन परिवहन सेवा को अधिक किफायती बनाना है।
जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू होने से एंबुलेंस सेवाओं की जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। खासकर सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों और उनके परिजनों को इससे राहत मिल सकती है। समय पर एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।




