Bihar News : बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार कौशल विकास मिशन के सुदृढ़ संचालन के लिए 19 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही इन पदों पर होने वाले वार्षिक खर्च के लिए 224.37 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। सरकार का मानना है कि नए पदों के सृजन से कौशल विकास कार्यक्रमों की निगरानी और संचालन में तेजी आएगी तथा युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और मजबूत होगी।
कैबिनेट ने प्रशासनिक सुधार और सेवा संरचना को आधुनिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैठक में बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली, 2026 तथा बिहार बाल विकास सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी गई। इन नियमावलियों के लागू होने से संबंधित विभागों में नियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तों को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
कौशल विकास मिशन को मिलेगा मजबूती
राज्य सरकार लगातार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर जोर दे रही है। बिहार कौशल विकास मिशन के अंतर्गत विभिन्न प्रशिक्षण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बढ़ते कार्यभार और कार्यक्रमों के विस्तार को देखते हुए सरकार ने 19 नए पदों के सृजन का निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे मिशन की कार्यक्षमता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाया जा सकेगा।
बाल विकास सेवा नियमावली में संशोधन
कैबिनेट की बैठक में बिहार बाल विकास सेवा से संबंधित नियमों में भी महत्वपूर्ण संशोधन किया गया। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के 25 प्रतिशत पद नियमित महिला सुपरवाइजरों के प्रमोशन के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान था। लेकिन पर्याप्त संख्या में नियमित महिला सुपरवाइजर उपलब्ध नहीं होने के कारण इन पदों पर नियुक्ति नहीं हो पा रही थी। इसके परिणामस्वरूप महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आईसीडीएस निदेशालय की कई योजनाओं के संचालन में कठिनाइयां आ रही थीं। कई जिलों में पद खाली रहने से योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा था।
बीपीएससी के माध्यम से होगी सीधी बहाली
इन समस्याओं को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बार के लिए नियमों में विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। अब बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के रिक्त पदों को **बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी)** के माध्यम से सीधी नियुक्ति द्वारा भरा जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से लंबे समय से खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्तियां संभव हो सकेंगी और विभागीय कार्यों में गति आएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, सीधी बहाली से योग्य और प्रशिक्षित अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं सहित आईसीडीएस की विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी संचालन में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी सेवा नियमावली के गठन से डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं बाल विकास सेवा में संशोधन से विभागीय रिक्तियों की समस्या दूर होने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। नए पदों के सृजन और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव से आने वाले समय में प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ने तथा जनता को बेहतर सेवाएं मिलने की संभावना है। बिहार सरकार के ये फैसले रोजगार सृजन, प्रशासनिक सुधार और सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी संचालन की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।





