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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: 30 एजेंडों पर लगी मुहर, 2,761 करोड़ से 2,554 कृषि फीडर होंगे सोलराइज

बिहार कैबिनेट की बैठक में 30 एजेंडों पर मंजूरी मिली। सरकार ने 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए 2,761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी है, जिससे 2,585 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे।

बिहार न्यूज
सम्राट कैबिनेट की बैठक
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

Bihar Cabinet Meeting:  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सीएम सचिवालय में चल रही बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में सरकार ने कुल 30 एजेंडों पर अपनी मुहर लगाई है। ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।


सरकार ने राज्य के वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए किसानों की आय बढ़ाने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा से शेष 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन की योजना को मंजूरी दी है।


इसके तहत कुल 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत आवश्यक अनुदान के रूप में 2,714.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।


इसके अलावा 946 विद्युत उपकेंद्रों में योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 47.30 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।


इस तरह सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना और ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन राशि समेत कुल 2,761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इस योजना से कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि हरित ऊर्जा से रोशन हो रहा नया भारत।


उन्होंने आगे कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के ‘विकसित भारत’ और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III को मंजूरी महत्वपूर्ण कदम है।


BESS से युक्त इस योजना के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच 135 GW तक नवीकरणीय ऊर्जा के हस्तांतरण की क्षमता विकसित होगी।


वित्तीय वर्ष 2032-33 तक ₹1,86,405 करोड़ की परियोजना लागत से विकसित होने वाला यह मजबूत ग्रिड देश में स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वसनीय ऊर्जा व्यवस्था को नई गति देगा।