Bihar Building Bylaws 2026: बिहार में जर्जर और खतरनाक भवनों को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिल्डिंग बायलाज 2026 का प्रारूप जारी कर दिया है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत असुरक्षित भवनों की मरम्मत, उन्हें खाली कराने या ध्वस्त करने का अधिकार संबंधित प्राधिकरण को दिया गया है।
यदि किसी भवन को लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है, तो प्राधिकरण उस पर आवश्यक कार्रवाई का आदेश दे सकेगा। आदेश का पालन न होने की स्थिति में प्राधिकरण स्वयं कार्रवाई करेगा और उसका पूरा खर्च भवन मालिक से वसूला जाएगा।
नए बायलाज के अनुसार किसी भी खतरनाक या असुरक्षित भवन को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा माना जाएगा। ऐसे भवनों की जांच कर लिखित रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद भवन मालिक या कब्जाधारी को नोटिस देकर तय समय सीमा में मरम्मत, सुधार या ध्वस्तीकरण का निर्देश दिया जाएगा।
यदि भवन में आग जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित निकास की व्यवस्था नहीं है या तत्काल खतरा उत्पन्न हो रहा है, तो प्राधिकरण उसे तुरंत खाली कराने का आदेश दे सकेगा। आदेश का पालन न करने पर पुलिस की मदद से भवन को खाली कराया जाएगा।
नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भवन से मानव जीवन या स्वास्थ्य को तत्काल खतरा होने की आशंका है, तो प्राधिकरण का निर्णय अंतिम माना जाएगा। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए भवन को सुरक्षित करने, सुदृढ़ करने या हटाने की कार्रवाई की जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर आसपास की इमारतों को भी खाली कराया जा सकता है और क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
भवन गिराने से पहले पानी, बिजली, गैस और सीवर जैसी सभी सेवाओं के कनेक्शन सुरक्षित रूप से हटाना अनिवार्य होगा। ध्वस्तीकरण के दौरान धूल और शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने तथा आसपास के लोगों को असुविधा न हो, इसकी जिम्मेदारी भवन मालिक की होगी। नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि निर्माण कार्य या ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान या कानूनी विवाद की पूरी जिम्मेदारी भवन मालिक और उसके अधिकृत तकनीकी विशेषज्ञ की होगी।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने बताया कि बिल्डिंग बायलाज 2026 का यह प्रारूप जनता की आपत्तियों के बाद राज्य मंत्रिमंडल के विचारार्थ भेजा जाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य में भवन सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है।



