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Bihar Bhumi: सरकारी जमीन जल्दी खाली कराएं सभी DM, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दिया आदेश, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद बढ़ी सख्ती...

सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज और अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीन को विधिक प्रक

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Viveka Nand
4 मिनट

Bihar Bhumi: सूबे में सरकारी भूमि के संरक्षण और सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती और तेज हो गई है। मुख्य सचिव, बिहार के पूर्व निर्देशों तथा हाल ही में उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज सरकारी भूमि, जिस पर विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुई है और जो निजी व्यक्तियों के कब्जे में है, उसे प्राथमिकता के आधार पर विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए मुक्त कराया जाए। यह निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने जारी किया है।

सी.के. अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को लिखा पत्र

बता दें, पिछले दो माह के दौरान सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर कई परिपत्र जारी किए जा चुके हैं। इसी क्रम में उच्चतम न्यायालय ने SLP (C) No. 4337/2025 (विनोद गाँधी बनाम डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, मदुरई) मामले में 22 जनवरी 2026 को महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारियों की चूक या लापरवाही के कारण राज्य के हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। निर्देशों में कहा गया है कि ऐसी सभी सरकारी भूमि की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई के तहत वाद दायर किए जाएं तथा भूमि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए। सभी जिला प्रशासन को यह भी निर्देशित किया गया है कि इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए नियमित निगरानी की जाए।

न्यायालय के आदेश को हो पालन

इन निर्देशों के मूल में अंचलवार सरकारी भूमि को सुरक्षित कर लैंड बैंक का निर्माण करना है, ताकि राज्य में औद्योगीकरण, आधारभूत संरचना विकास और जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। राज्य स्तर पर जारी इन सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि अब सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाते हुए सक्रिय कार्रवाई करेगा तथा न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

सरकारी भूमि राज्य की अमूल्य संपत्ति

 उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकारी भूमि राज्य की अमूल्य संपत्ति है। इस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न तो स्वीकार्य है और न ही सहनीय। उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के आलोक में हमने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज ऐसी सरकारी भूमि, जिनका विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुआ है, उन्हें विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए प्राथमिकता के आधार पर मुक्त कराई जाए। 

जीरो टॉलरेंस पर काम करें अधिकारी 

राजस्व विभाग के मंत्री ने आगे कहा है कि अधिकारियों की किसी भी चूक या लापरवाही के कारण राज्य के हित प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे। प्रशासन शून्य सहिष्णुता की नीति के साथ कार्रवाई करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि अंचलवार सरकारी भूमि को सुरक्षित कर लैंड बैंक का निर्माण किया जाए, ताकि राज्य में औद्योगीकरण, आधारभूत संरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। यह अभियान केवल भूमि मुक्त कराने का नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला मजबूत करने का प्रयास है।


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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता