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Bihar Land Records: बिहार में जमीन मालिकों को बड़ी राहत, अब भू-अभिलेख पोर्टल से पुराने रिकॉर्ड की मिलेगी डिजिटल स्कैन कॉपी

Bihar Land Records: बिहार में जमीन के पुराने दस्तावेजों को लेकर रैयतों को बड़ी राहत मिली है। अब ‘भू-अभिलेख पोर्टल’ पर उपलब्ध नहीं होने वाले रिकॉर्ड की स्कैन कॉपी स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।

Bihar Land Records
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Land Records: बिहार में अपनी जमीन के पुराने और जरूरी कागजातों के लिए परेशान रैयतों को अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। जो जमीनी दस्तावेज अब तक ‘भू-अभिलेख पोर्टल’ पर ऑनलाइन सर्च करने पर उपलब्ध नहीं हो रहे थे, उनकी डिजिटाइज्ड स्कैन कॉपी अब स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की उप निदेशक मोना झा ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार की गई है।


जानकारी के अनुसार, इसी वर्ष जनवरी 2026 से जिला अभिलेखागार (Record Room) से जमीन के दस्तावेजों की फिजिकल या स्कैन कॉपी देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। सरकार की योजना थी कि सभी दस्तावेज केंद्रीयकृत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ही उपलब्ध कराए जाएं। हालांकि, हाल के दिनों में यह समस्या सामने आई कि कई पुराने और महत्वपूर्ण दस्तावेज पोर्टल पर ‘नॉट अवेलेबल’ दिख रहे थे, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही थी।


इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने नीति में बदलाव करते हुए यह नया और व्यावहारिक निर्णय लिया है। उप निदेशक के पत्र के अनुसार, अब आवेदकों को दस्तावेजों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए ‘भू-अभिलेख पोर्टल’ पर एक नया फीचर जोड़ा जाएगा।


आवेदन मिलते ही संबंधित क्षेत्र के सक्षम अधिकारी (अभिलेख प्रभारी या अंचल अधिकारी) तुरंत कार्रवाई करेंगे। वे जिला अभिलेखागार के रिकॉर्ड रूम से दस्तावेज निकालकर उन्हें स्कैन करेंगे और सीधे पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद आवेदक को अपने डैशबोर्ड पर डिजिटल सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध हो जाएगी, जिसे निर्धारित शुल्क देकर डाउनलोड किया जा सकेगा।


गौरतलब है कि पिछले वर्ष बिहार के सभी जिला अभिलेखागारों में करोड़ों पुराने राजस्व दस्तावेजों को स्कैन कर ऑनलाइन करने का बड़ा अभियान चलाया गया था। इसके बावजूद तकनीकी कारणों और रिकॉर्ड की विशाल संख्या के चलते कई दस्तावेज अभी भी डिजिटल सिस्टम में शामिल नहीं हो पाए थे। सरकार के इस नए फैसले से आम जनता को बिचौलियों और दलालों से राहत मिलेगी और लोगों को घर बैठे ही जमीनी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सकेंगे। 

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता