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आरा में सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए शहीद रमेश रंजन, गांव वालों ने लगाए 'अमर रहे' के नारे

ARA : जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए आरा के लाल सीआरपीएफ कांस्टेबल रमेश रंजन आज पंचतत्व में विलीन हुए. शहीद के पिता ने अपने बेटे को मुखाग्नि दी. बेटे की शहादत

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ARA : जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए आरा के लाल सीआरपीएफ कांस्टेबल रमेश रंजन आज पंचतत्व में विलीन हुए. शहीद के पिता ने अपने बेटे को मुखाग्नि दी. बेटे की शहादत पर उन्होंने गर्व से कहा कि रमेश रंजन ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दी है. शहीद को सैन्य सम्मान के साथ विदाई दी गई. 


नम आंखों से शहीद कांस्टेबल रमेश रंजन के पिता ने कहा कि हमें अपने बेटे के शहादत पर गर्व है. उसने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दी है. मुझे सरकार के तरफ से कोई मुआवजा नहीं चाहिए बल्कि मेरे बेटे को मरणोपरांत परमवीर चक्र दी जाए. वहीं सरकार के कोई भी मंत्री या नेता सूचना के बाद भी शहीद के परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है.


बता दें कि जम्मू कश्मीर में तीन आतंकियों को मार गिराने के बाद भोजपुर जिले के जगदीशपुर के इसाढ़ी देव टोला के रमेंश रंजन बुधवार को शहीद हो गए. जैसे ही यह खबर मिली किसी को इस बात का यकीन नहीं हुआ कि  सबका चहेता रमेश अब इस दुनिया में नहीं है. बता दें कि जम्मू कश्मीर के लवेपोरा इलाके में आतंकियों और सीआरपीएफ के बीच मुठभेड़ के दौरान रमेश रंजन वीरगति को प्राप्त हुए थे. हालांकि उन्होंने शहीद होने से पहले तीन आतंकियों को मार गिराया था.

रिपोर्टिंग
K

रिपोर्टर

K K Singh

FirstBihar संवाददाता