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Bharat Tiwari Encounter: एनकाउंटर के बाद अब हथियारों की परीक्षा! भारत भूषण तिवारी केस में FSL खोलेगी गोलीकांड का सच

भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस में अब हथियारों की वैज्ञानिक जांच होगी। तीन पिस्टल और खोखे बताएंगे कि आखिर उस दिन कितनी और किस हथियार से गोलियां चलीं

Bharat bhushan tiwari
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© Ai photo
Tejpratap
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4 मिनट

Bharat Tiwari Encounter:  भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलोवटी गांव में हुए भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। इस मामले में जब्त किए गए हथियारों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की अब वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने तीनों पिस्टल, खोखे और अन्य महत्वपूर्ण सामानों को विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फॉरेंसिक जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटनास्थल से बरामद खोखे और चली हुई गोलियां किस हथियार से निकली थीं। इसके साथ ही पुलिस और आरोपी पक्ष से जुड़े हथियारों का बैलिस्टिक मिलान भी कराया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर एनकाउंटर की पूरी घटना की तस्वीर और ज्यादा साफ हो सकेगी।


तीन पिस्टल और खोखे की होगी जांच

17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलोवटी गांव में भारत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। इस दौरान पुलिस ने कई हथियार बरामद करने का दावा किया था। अब इन्हीं हथियारों की वैज्ञानिक जांच मामले में अहम भूमिका निभाने वाली है।


जब्त किए गए हथियारों में दो पुलिस कर्मियों की सरकारी सर्विस पिस्टल और एक आरोपी की पिस्टल शामिल है। पुलिस के मुताबिक, एनकाउंटर के दौरान शाहपुर के तत्कालीन थाना अध्यक्ष राजेश मालाकार ने अपनी सरकारी पिस्टल से एक राउंड फायर किया था।


वहीं एसटीएफ जवान अक्षय ने अपनी सर्विस पिस्टल से चार राउंड गोली चलाने की बात प्राथमिकी में दर्ज कराई गई है। यानी पुलिस की ओर से कुल पांच राउंड फायरिंग किए जाने का उल्लेख है।


भारत भूषण के पास से मिला था अवैध पिस्टल

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए भारत भूषण तिवारी के पास से एक लोडेड अवैध पिस्टल, दो कारतूस, दो खोखे और एक मैगजीन बरामद की गई थी। एफएसएल टीम ने इन सामानों को जब्त कर पुलिस को सौंप दिया था।


अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल घटना के दौरान हुआ था या नहीं। इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि घटनास्थल से मिले खोखे किस हथियार से फायर किए गए थे।


फॉरेंसिक रिपोर्ट बनेगी अहम सबूत

एनकाउंटर मामलों में फॉरेंसिक रिपोर्ट को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। बैलिस्टिक जांच के जरिए यह पता लगाया जाता है कि गोली किस हथियार से चली, कितनी दूरी से फायरिंग हुई और बरामद हथियारों का घटना से कोई संबंध है या नहीं।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद एनकाउंटर से जुड़े कई तकनीकी सवालों के जवाब मिल सकते हैं। इसके आधार पर आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया को दिशा दी जाएगी।


जांच एजेंसियों की निगाह रिपोर्ट पर

भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर लगातार नजर बनी हुई है। अब एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद घटनाक्रम से जुड़े कई पहलुओं की पुष्टि हो सकेगी।


जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्य आपस में कितने मेल खाते हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फायरिंग के दौरान किस हथियार से कितनी गोलियां चलीं और पूरी घटना का तकनीकी पक्ष क्या रहा।


फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट एनकाउंटर मामले की जांच में एक अहम कड़ी साबित हो सकती है।