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भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को दिया यह निर्देश

Bharat Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। जनहित याचिका में CBI जांच और स्वतंत्र न्यायिक समिति की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने पहले मेंशनिंग करने का निर्देश दिया है।

Bharat Tiwari Encounter
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग को झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने इस मामले से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर फौरन सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।


यह जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा 21 जून को दायर की गई थी। याचिका में भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ को कथित तौर पर फर्जी एनकाउंटर बताते हुए मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है।


याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने तथा पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में गठित स्वतंत्र जांच समिति से कराने की भी मांग की है।


सोमवार को जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया। हालांकि, अदालत ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की और याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के समक्ष मेंशनिंग करने का निर्देश दिया।


सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल मामले पर तत्काल सुनवाई की संभावना टल गई है। अब याचिकाकर्ता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार के समक्ष अपनी मांग रखनी होगी, जिसके बाद आगे की सुनवाई की तारीख तय की जा सकती है।


गौरतलब है कि भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार बहस जारी है। मामले में न्यायिक जांच की मांग के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता