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Bihar News: बिहार में 7 साल पुरानी तेजाब पीड़िता हत्या मामले की समीक्षा में बड़ा खुलासा, 9 पुलिस पदाधिकारियों पर गिरी गाज

Bihar News: बिहार के भागलपुर में 2018 तेजाब हमला हत्या मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही के कारण 9 अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई है। आईजी विवेक कुमार ने जांच और अनुशासनात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

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PRIYA DWIVEDI
2 मिनट

Bihar News: बिहार के भागलपुर में वर्ष 2018 में अकबरनगर थाना क्षेत्र में हुई तेजाब पिलाकर विवाहिता की हत्या के मामले में पुलिस विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस मामले में सात साल बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आईजी विवेक कुमार ने संबंधित 9 पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया है। इसमें दो डीएसपी भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय को अनुशंसा की गई है।


दरअसल, आईजी विवेक कुमार ने मामले की गहन समीक्षा की, जिसमें स्पष्ट हुआ कि इस गंभीर कांड में जिम्मेदार पदाधिकारी पूरी तरह निष्क्रिय रहे। सात वर्षों तक अनुसंधान नहीं होने की वजह से केस का विसरा भी खराब हो गया, जिससे जांच प्रभावित हुई। दो डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर ने भी इस दौरान कोई प्रगति रिपोर्ट तैयार नहीं की, जिससे अभियोजन पक्ष की स्थिति कमजोर हुई।


आईजी के निर्देश पर तत्कालीन कांड के जांच अधिकारी (आईओ) इंस्पेक्टर विकास कुमार के अलावा एसआई नसीम खान, एसआई मोहम्मद वारिस खान, एसआई मोहम्मद दिलशाद, एसआई संतोष कुमार शर्मा, एसआई पुष्पलता कुमारी, एसआई संतोष कुमार वर्मा, एसआई राकेश कुमार और एएसआई जितेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।


इसी के साथ पूर्व डीएसपी नेसार अहमद शाह और डॉ. गौरव कुमार के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है, जिनकी भूमिका इस मामले में विशेष रूप से संदिग्ध पाई गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारीयों की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


पीड़िता के परिवार और समाज के अन्य वर्ग इस मामले में न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। लंबे समय तक निष्क्रियता के कारण उन्हें न्याय मिलने में देरी का सामना करना पड़ा। वहीं, न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।