BEGUSARAI: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गयी है। वीरपुर थाना क्षेत्र के नौला पुलिस पिकेट प्रभारी अखिलेश कुमार पर लगे आरोप जांच में सही पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। सदर डीएसपी-2 कुमारी दुर्गा शक्ति की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक मनीष ने यह कार्रवाई की है। महिला और उनके परिजनों के साथ अभद्र रवैय्या अपनाने और अपशब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप नौला पुलिस पिकेट प्रभारी अखिलेश कुमार पर लगा था।
मामला वीरपुर थाना क्षेत्र के गारा गांव का है, जहां एक वायरल वीडियो में पिकेट प्रभारी पर एक महिला और उसके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार, अपशब्दों का प्रयोग और बदसलूकी करने का आरोप लगा था। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा और स्थानीय स्तर से लेकर राजनीतिक दलों तक ने पुलिस कार्रवाई की मांग उठाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच का जिम्मा सदर डीएसपी-2 कुमारी दुर्गा शक्ति को सौंपा। बुधवार को डीएसपी-2 स्वयं गारा गांव पहुंचीं, वायरल वीडियो का सत्यापन किया और पीड़ित परिवार सहित अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि 11 जुलाई को हुई घटना के दौरान नौला पिकेट प्रभारी द्वारा पीड़ित पक्ष के साथ अनुचित व्यवहार किया गया तथा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने अखिलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, बेगूसराय निर्धारित किया गया है।
गौरतलब है कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद पूरे जिले में इस घटना की व्यापक चर्चा हो रही थी। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर दोषी पुलिस पदाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की थी। वहीं कांग्रेस, वामपंथी दलों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र नेताओं ने भी निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस प्रशासन की यह कार्रवाई अब चर्चा का विषय बनी हुई है।





