Bihar Crime : बेगुसराय जिले के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ईंट भट्ठा में काम करने वाला एक फायरमैन रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। मामला अब केवल मारपीट तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि अपहरण, रंगदारी और हत्या की आशंका तक पहुंच चुका है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
लापता युवक की पहचान राहुल पासवान के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र स्थित लखना खेत गांव का निवासी था। राहुल साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के फूल मलिक गांव स्थित एसवाईएम ईंट उद्योग में फायरमैन के तौर पर कार्यरत था। उसके अचानक गायब होने के बाद परिवार और सहकर्मियों में भय और आक्रोश का माहौल है।
राहुल के सहकर्मी सूर्यकरण बंधु ने पूरे मामले को लेकर थाना में लिखित शिकायत दी है। सूर्यकरण भी रायबरेली जिले के सुहेलिया गांव के रहने वाले हैं और उसी ईंट भट्ठा में काम करते हैं। उनके आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात गांव के एक घर में किसी युवक के घुसने की सूचना पर ग्रामीणों ने शोर मचाया। “चोर-चोर” की आवाज सुनते ही बड़ी संख्या में लोग जुट गए और कथित युवक का पीछा करते हुए ईंट भट्ठा परिसर तक पहुंच गए।
आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों ने राहुल पासवान को पकड़ लिया और चोरी के शक में उसकी बेरहमी से पिटाई की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक राहुल पर कुदाल, लोहे की रॉड और अन्य हथियारों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल राहुल किसी तरह वहां से भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन कुछ लोग उसका पीछा करते रहे। इसके बाद से राहुल का कोई सुराग नहीं मिला है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सहकर्मी सूर्यकरण ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोगों ने ईंट भट्ठा मालिक से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। विरोध करने पर राहुल के साथ मारपीट की गई और उसे जबरन उठाकर ले जाया गया। आवेदन में कौशल कुमार, नागो महतो, बबीता देवी, सूरज चौधरी, प्रिंस कुमार और चंदन कुमार समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। सहकर्मी ने आशंका जताई है कि राहुल का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई और शव को कहीं छिपा दिया गया है। हालांकि अभी तक पुलिस को राहुल का कोई सुराग नहीं मिला है और न ही उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
राहुल के लापता होने के बाद उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि यदि राहुल सुरक्षित होता तो अब तक वापस लौट आता। परिवार ने आरोप लगाया कि भीड़ ने कानून हाथ में लिया और समय रहते पुलिस को सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि अगर पुलिस समय पर पहुंचती तो शायद राहुल की जान बच सकती थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने ईंट भट्ठा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बलिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने अब तक नागो महतो, सूरज चौधरी और चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। साहेबपुरकमाल थाना कांड संख्या 126/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की धाराएं जोड़ी जाएंगी। फिलहाल पूरे इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है — राहुल पासवान आखिर कहां है? क्या वह जीवित है या उसके साथ कोई बड़ी वारदात हो चुकी है? इन सवालों का जवाब अब पुलिस जांच और आने वाले खुलासों पर टिका हुआ है।



