ब्रेकिंग
तीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटीतीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटी

बिहार: ऑटो ड्राइवर का बेटा बना सेना में लेफ्टिनेंट, घर में जश्न का माहौल

PATNA: ऑटो ड्राइवर का बेटा सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद घर में जश्न का माहौल है. ऑटो ड्राइवर पिता और गृहिणी मां का खुशी का ठिकाना नहीं है. लेफ्टिनेंट पुरूषोत्तम पाठक दरभंगा

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: ऑटो ड्राइवर का बेटा सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद घर में जश्न का माहौल है. ऑटो ड्राइवर पिता और गृहिणी मां का खुशी का ठिकाना नहीं है. लेफ्टिनेंट पुरूषोत्तम पाठक दरभंगा जिले के बेरी गांव के रहने वाले हैं. 

पंजाब रेजिमेंट में बने लेफ्टिनेंट

पुरूषोत्तम पाठक के पिता गणेश पाठक ऑटो ड्राइवर है. उनकी मां गृहिणी है. कल जैसे ही पता चला कि देहरादून की मिलिट्री एकेडमी में आयोजित परेड के बाद बेटा पंजाब रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट बना है तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा. गांव में जश्न का माहौल हो गया है. आसपास के लोगों ने भी खुशी जाहिर की. 

इससे पहले सेना में करते थे नौकरी

पिता गणेश पाठक ने बताया कि बेटे को पढ़ाने में कई बार परेशानी हुई. इसके बाद भी किसी तरह से पढ़ाई जारी रखा. दरभंगा से पढ़ाई के जेएनयू पढ़ाई करने चला गया.  2011 में भारतीय सेना में सिग्नल ट्रेड में ज्वाइन किया. जिसके बाद परिवार की परेशानी कम होने लगी. नौकरी के बाद भी पुरूषोत्तम ने पढ़ाई जारी रखा. 2016 में पुरुषोत्तम ने ऑफिसर की परीक्षा पास की. उसके बाद से वह इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून में ट्रेनिंग हो रही थी. ट्रेनिंग के बाद अब बेटा लेफ्टिनेंट बन गया. बेटे ने मेरा सीना चौड़ा कर दिया गया है. बेटे पर परिवार को गर्व हैं.