1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 05, 2025, 2:19:25 PM
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Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव में कुख्यात/विख्यात नेता चुनाव लड़ने को बेताब हैं. बेताबी का आलम ऐसा है कि दल से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय भी चुनावी मैदान में उतरने को तैयार हैं. लोजपा (रामविलास) के एक नेता औरंगाबाद जिले की एक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे. आज नेताजी की अच्छे-बुरे कामों की चर्चा करेंगे. खबरों की इस सीरिज में आज बात करेंगे 'हथियार के बल पर 'CO' को दफ्तर से उठाने की. जब एसपी के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित अफसर केस दर्ज कराने में सफल हुए थे.
जब अंचल अधिकारी को ऑफिस से उठाने की कोशिश की
बात जून 2022 की है. जब लोजपा(रामविलास) के एक नेता व उसके हथियारबंद गुंडों ने दाउदनगर अंचलाधिकारी को जबरन उठाने का प्रयास किया था। दाउदनगर के अंचल अधिकारी विजय कुमार ने थाने में दिए आवेदन में बताया था कि 15 जून को वे अपने कार्यालय में बैठकर काम कर रहे थे. इसी बीच मेरे निजी मोबाइल पर लोजपा नेता ($$$$$####) का फोन आया. हम फोन नहीं उठा पाये, क्योंकि मैं ऑफिशियल नंबर पर किसी दूसरे व्यक्ति से बात कर रहा था. इसी बीच अंचल अमीन के मोबाइल से मेरे सरकारी नंबर पर फोन आया. मुझे बताया गया कि लोजपा (रानविलास) के नेता बात करना चाहते हैं. जब मैंने बात करनी शुरू की तो उक्त नेता गाली गलौज करने लगा. साथ ही मुझे अपने ऑफिस में बुलाया.
दाउदनगर थाने में केस दर्ज कराया था
दाउदनगर सीओ ने आवेदन में आगे लिखा था...फोन करने के 5 मिनट के अंदर ही लोजपा नेता के हथियारबंद गुंडे मेरे दफ्तर पहुंच गए. वे लोग मेरे साथ बदतमीजी करने लगे. इतना ही नहीं वे लोग हमें जबरन उठाकर ले जाने का प्रयास करने लगे. इस दौरान हाथापाई होने लगी. अंचल गार्ड की सहायता से किसी तरह से हमारी जान बची. इसके बाद मुझे धमकी देते हुए और हथियार लहराते हुए सभी भाग गए. इस दौरान कई आवश्यक कागजातों को भी नष्ट कर दिया गया है. इस संबंध में हमने तत्काल इसकी जानकारी औरंगाबाद डीएम को दी. दाउदनगर सीओ ने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा था....इन सभी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाय. सीओ ने 15 जून को केस दर्ज करने का आवेदन दिया था, लेकिन केस दर्ज करने में दाउदनगर थाने की पुलिस टालमटोल करती रही। वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद केस दर्ज किया गया था। दाउदनगर पुलिस 321/22 केस दर्ज कर अनुसंधान शुरू की. हालांकि लोजपा(रामविलास) के नेता की इतना तगड़ी सेटिंग थी कि सीओ के केस में बाल-बांका नहीं हुआ.
बता दें, लोजपा(रामविलास) के ये नेता औरंगाबाद की एक विधानसभा सीट से चुनावी तैयारी कर रहे हैं. 2020 के विधानसभा चुनाव में भी ये भाग्य आजमाए थे. तब भी चिराग पासवान की पार्टी से ही मैदान में उतरे थे. हालांकि हार का सामना करना पड़ा था. इस बार भी पूरी कोशिश में हैं, वो सीट लोजपा(रामविलास) के खाते में आए. हालांकि संभावना कम ही है.