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तस्करों के चंगुल से भागकर अरवल पहुंचा दुर्लभ पेंगोलिन, वन विभाग की टीम ने पकड़ा

ARWAL: घने जंगल में रहने वाला पेंगोलिन ऐसा जीव है जिसकी सबसे ज्यादा तस्करी की जाती है। बिहार के अरवल जिले में भी इसकी तस्करी की जा रही थी। यह तस्करों के चंगुल से भाग निकला था

तस्करों के चंगुल से भागकर अरवल पहुंचा दुर्लभ पेंगोलिन, वन विभाग की टीम ने पकड़ा
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

ARWAL: घने जंगल में रहने वाला पेंगोलिन ऐसा जीव है जिसकी सबसे ज्यादा तस्करी की जाती है। बिहार के अरवल जिले में भी इसकी तस्करी की जा रही थी। यह तस्करों के चंगुल से भाग निकला था जिसे वन विभाग की टीम ने जब्त कर लिया है। अरवल के खनगाह रोड के पास इस दुर्लभ पेंगोलिन को वन विभाग की टीम ने बरामद किया है। 


बता दें कि पेंगोलिन कीड़े-मकोड़े खाने वाला स्तनधारी जीव हैं जो करीब 80 मिलियन वर्षों से धरती पर हैं। यह जीव ज्यादात्तर अफ्रीका और एशिया के घने जंगलों में पाया जाता है। ये रेप्टाइल्स की तरह नजर आता है 40 सेंटीमीटर लंबी जीभ से यह चीटियां, दीमक और कीड़े-मकोड़े को खाता है। यह अकेला सालभर में 70 लाख कीड़े खा जाता है। देशभर में इस जीव की तस्करी ज्यादा होती है। 


चीन में ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन के रूप में उपयोग होता है। बिहार के अरवल में भी तस्करों ने इसे कही से लाया था। इसकी कीमत दस लाख रुपये के करीब होती है। वन विभाग के अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस बात की गुप्त सूचना मिली थी कि खनगाह रोड पर एक पेंगोलिन मिला है जो जिंदा है और सड़क पर दौड़ रहा है। 


इस बात की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गयी और पेंगोलिन को पकड़कर पिपरा बंगाल स्थित कार्यालय में सुरक्षित रखा गया। उन्होंने बताया कि पेंगोलिन की हड्डी की तस्करी की जाती है। इसकी कीमत दस लाख के करीब होती है। यह आशंका जतायी जा रही है कि पशु तस्करों के चंगुल से पेंगोलिन भागकर यहां पहुंच गया है। इस दुर्लभ पशु को किसी ने पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटाई। उसे देख ग्रामीण भी डर गये फिर वन विभाग को इसकी सूचना दी जिसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद पेंगोलिन को पकड़ा। 

तस्करों के चंगुल से भागकर अरवल पहुंचा दुर्लभ पेंगोलिन, वन विभाग की टीम ने पकड़ा


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mritunjay

FirstBihar संवाददाता