ब्रेकिंग
सम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार का पहला रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले?दो घंटे के भीतर पुलिस ने लूटकांड का किया खुलासा, लूट में शामिल तीन बदमाश गिरफ्तारलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार का पहला रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले?दो घंटे के भीतर पुलिस ने लूटकांड का किया खुलासा, लूट में शामिल तीन बदमाश गिरफ्तारलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंप

बिहार : 95 साल के पिता को 3 बेटों ने कमरे में किया कैद, 6 साल से नहीं देख पाए सूरज की रोशनी

ARARIA : एक ऐसी घटना सामने आई है, जो काफी हैरान करने वाली है. दरअसल अररिया के जोगबनी में पुलिस की मदद से एक ऐसे शख्स को आजाद कराया गया है, जिसके अपने ही बच्चों ने 6 साल

बिहार : 95 साल के पिता को 3 बेटों ने कमरे में किया कैद, 6 साल से नहीं देख पाए सूरज की रोशनी
First Bihar
2 मिनट

ARARIA :  एक ऐसी घटना सामने आई है, जो काफी हैरान करने वाली है. दरअसल अररिया के जोगबनी में पुलिस की मदद से एक ऐसे शख्स को आजाद कराया गया है, जिसके अपने ही बच्चों ने 6 साल से एक कमरे में कैद कर के रखा था. 6 साल से यह बूढ़ा शख्स सूरज की रौशनी तक नहीं देख पाया. 


घटना अररिया जिले के जोगबनी की है, जहां सोमवार को पुलिसवालों ने वार्ड संख्या 11 बस स्टैंड स्थित एक पुराने घर से एक शख्स को आजाद कराया. इस शख्स को उसके ही तीन बच्चों ने 6 साल से एक कमरे में कैद कर के रखा था. उसके बच्चे उसे खाने-पीने के लिए भोजन-पानी तो देते थे लेकिन उसे एक कैदी के तरह कैद कर के कमरे में रखते थे. उसे बाहर नहीं निकलने देते थे. 


इस घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक जिस बुजुर्ग को पुलिस ने आजाद कराया है, उसके तीन बेटे हैं. बताया जा रहा है उसके तीनों बेटों उपेंद्र साह, राजेंद्र साह और हरेराम साह के पास काफी धन संपत्ति है. लेकिन इन तीनों बेटों ने अपने बाप को एक छोटे से अंधेरे कमरे में कैद कर के रखा था. बुजुर्ग का मंझला यानी कि दूसरे नंबर का बेटा राजेंद्र साह दिन में दो बार खाना लडने आता था और भोजन देने के बाद वापस उसे बंद कर चला जाता था. 


बुजुर्ग के कमरे में कैद होने की जानकारी कुछ लोगों ने मीडिया और प्रशासन को दी, जिसके बाद सोमवार को जोगबनी के थानाध्यक्ष आफताब अहमद ने उस व्यक्ति को कमरे से आजाद कराया. यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. 

संबंधित खबरें