JDU News Bihar : बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जेडीयू के मौजूदा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार चले गए तो पार्टी में कोई बचा ही नहीं है। जो लोग बचे हुए हैं, वे कोई माउग देकर बना है। कोई कुछ देकर आए हैं तो कोई कुछ करके आया है। कोई दिल्ली से आया है तो कोई मुंबई से आया है। पार्टी में अब ऐसे ही लोग बचे हुए हैं। अनंत सिंह के इस बयान को जेडीयू के भीतर चल रही खींचतान और अपने निष्कासन के खिलाफ उनके गुस्से से जोड़कर देखा जा रहा है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने पार्टी के मौजूदा हालात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ नीतीश कुमार को जानते हैं और पार्टी में बाकी कौन नेता है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। अनंत सिंह ने साफ कहा कि उनके लिए जनता ही पार्टी है, जनता ही भगवान है और जनता ही मालिक है। उनके मुताबिक, अब जनता ही फैसला करेगी कि कौन सही है और कौन गलत।
ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर जब अनंत सिंह से सवाल पूछा गया कि क्या इस मुलाकात के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई हुई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। कौन किससे मिल रहा है और कौन नहीं मिल रहा है, वह इस बारे में कुछ नहीं जानते। उन्होंने इस मामले में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार किया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि उनके खिलाफ कार्रवाई नीतीश कुमार की मर्जी से हुई है, तो अनंत सिंह ने नीतीश कुमार की निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा, "मैं तो पहले ही कह रहा था कि नीतीश कुमार अब उस अवस्था में नहीं हैं कि फैसला कर सकें।" उन्होंने आगे कहा कि जब नीतीश कुमार को दिन-रात का ही पता नहीं है, तो उनके मन से क्या होगा। अनंत सिंह के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
जेडीयू पर किस नेता का कब्जा है, इस सवाल पर भी अनंत सिंह ने किसी का नाम लेने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि वह किसी दूसरे नेता को नहीं जानते। वह सिर्फ नीतीश कुमार को जानते हैं। बाकी पार्टी में कौन क्या कर रहा है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि जिसे जो करना है, वह करता रहे, उन्हें इसकी चिंता नहीं है। उनका भरोसा सिर्फ जनता पर है और जनता ही उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है।
अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि क्या कभी कोई नेता उनके लिए वोट मांगने गया है? इसके बावजूद वह अपने दम पर हर बार एक सीट जीतकर लाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जब बहुमत के संकट के दौरान सरकार गिरने की स्थिति बन रही थी, तब भी उन्होंने सरकार बचाने का काम किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि सम्राट चौधरी कसम खाकर बताएं कि उनकी सरकार किसने बचाई है।
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने जेडीयू के लिए बहुत कुछ किया है। यहां तक कि पार्टी की वजह से उन्हें गद्दारी तक करनी पड़ी। इसके बावजूद आज पार्टी में उनके साथ न्याय करने वाला कोई नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो गलत किया जा रहा है, उसका फैसला अब जनता करेगी। उनके मुताबिक, जो लोग आज उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, उन्हें आगे चलकर अपने फैसले का परिणाम भुगतना पड़ेगा।
जेडीयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह के तेवर लगातार आक्रामक बने हुए हैं। उन्होंने अपने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 25 महीने में सबको पता चल जाएगा कि अनंत सिंह को पार्टी से निकालना उनके लिए कितना मुश्किल साबित होने वाला है। उनके इस बयान से साफ है कि वह फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। अब देखना होगा कि पार्टी से बाहर होने के बाद अनंत सिंह अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल किस तरह करते हैं और बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में उनका अगला कदम क्या होता है।




