ब्रेकिंग
बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी कार्यकर्ताओं पर बदतमीजी का आरोप लगाने वाली युवती हिरासत में, पटना के न्यू जक्कनपुर इलाके से जबरन उठा ले गई पुलिस हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी, दोपहर 3 बजे तक इतने प्रतिशत मतदान‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे प्रशांत किशोर’, वोट डालने के बाद बोले ललन सिंह, कहा- PK चुनौती नहीं‘उन्हें पांच साल और मुख्यमंत्री रहना चाहिए था’, सीएम की कुर्सी छोड़ने पर बोलीं नीतीश कुमार की बड़ी बहन; निशांत पर क्या कहा?बांकीपुर उपचुनाव: वोटिंग की रफ्तार काफी धीमी, दोपहर 1 बजे तक महज इतने प्रतिशत मतदानबांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी कार्यकर्ताओं पर बदतमीजी का आरोप लगाने वाली युवती हिरासत में, पटना के न्यू जक्कनपुर इलाके से जबरन उठा ले गई पुलिस हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी, दोपहर 3 बजे तक इतने प्रतिशत मतदान‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे प्रशांत किशोर’, वोट डालने के बाद बोले ललन सिंह, कहा- PK चुनौती नहीं‘उन्हें पांच साल और मुख्यमंत्री रहना चाहिए था’, सीएम की कुर्सी छोड़ने पर बोलीं नीतीश कुमार की बड़ी बहन; निशांत पर क्या कहा?बांकीपुर उपचुनाव: वोटिंग की रफ्तार काफी धीमी, दोपहर 1 बजे तक महज इतने प्रतिशत मतदान

मौत के 72 साल बाद नीतीश को याद आये सरदार वल्लभ भाई पटेल: लौहपुरूष की पुण्यतिथि पर पटना में होगा राजकीय समारोह

PATNA: देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की मृत्यु के 72 साल हो चुके हैं. 1950 में सरदार पटेल की मौत हो गयी थी. 2022 में नीतीश कुमार को उनकी पुण्यतिथि की याद आय़ी है.

मौत के 72 साल बाद नीतीश को याद आये सरदार वल्लभ भाई पटेल: लौहपुरूष की पुण्यतिथि पर पटना में होगा राजकीय समारोह
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की मृत्यु के 72 साल हो चुके हैं. 1950 में सरदार पटेल की मौत हो गयी थी. 2022 में नीतीश कुमार को उनकी पुण्यतिथि की याद आय़ी है. बिहार सरकार ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के पुण्यतिथि पर राजकीय समारोह मनाने का फैसला लिया है.


नीतीश कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में ये फैसला लिया गया. सरकार की ओऱ से कहा गया है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत के जन-जन में लोकप्रिय हैं. स्वतंत्रता आंदोलन में कई बार जेल गये औऱ फिर देश जब आजाद हुआ तो गृह मंत्री के तौर पर देशी रियासतं का भारत में विलय कर एकीकृत भारत बनाने में अहम योगदान दिया. सरदार पटेल का निधन 15 सितंबर 1950 को तत्कालीन बॉम्बे और मौजूदा मुम्बई में हो गया था.


देश के लिए उनके योगदान और कृतित्व को अक्षुण्ण रखने के लिए बिहार सरकार ने उनकी पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के तौर पर मनाने का फैसला लिया है. हर साल 15 सितंबर को पटना के चितकोहरा में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर उनकी पुण्यतिथि पर राजकीय समारोह मनाया जायेगा. बता दें कि सरदार पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को बिहार में काफी पहले से राजकीय समारोह का आयोजन होता आया है. लेकिन सत्ता में आऩे के 17 साल बाद नीतीश कुमार को सरदार पटेल के पुण्यतिथि की याद आयी है.