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24 घंटे में नल चोर को पकड़ पीठ थपथपा रही बिहार पुलिस ! निलेश मुखिया का आरोपी अभी भी फरार; अब उठने लगा ये सवाल

PATNA : क्या बिहार की पुलिस भी अब ओहदा और कद देख काम करती है। क्या बिहार पुलिस का जो ध्येय वाक्य है - सदैव आपकी सेवा में तत्पर वह सिर्फ बड़े या किसी उच्चे पद पर काबिज लोगों के लिए ह

24 घंटे में नल चोर को पकड़ पीठ थपथपा रही बिहार पुलिस ! निलेश मुखिया का आरोपी अभी भी फरार; अब उठने लगा ये सवाल
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : क्या बिहार की पुलिस भी अब ओहदा और कद देख काम करती है। क्या बिहार पुलिस का जो ध्येय वाक्य है - सदैव आपकी सेवा में तत्पर वह सिर्फ बड़े या किसी उच्चे पद पर काबिज लोगों के लिए है। यह बातें और सवाल हम नहीं बल्कि राजधानी पटना के लोग दबे जुबां में पूछना शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि राज्य में आए दिन अपराधी अपने काले कारनामों को अंजाम दे रहे हैं ,राह चलते लोगों की हत्या कर दी जा रही है। लेकिन, इससे बाबजूद पुलिस का एक्शन उतनी फ़ास्ट नजर नहीं आती है। जितनी किसी उच्चे ओहदे पर काबिज लोगों के शिकायत के बाद उसका निपटारा करने में नजर आता है। 


दरअसल, राजधानी में पिछले दिनों सत्तारूढ़ दल के विधायक के आवास से से नल चोरी किए जाने की घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस एक्शन में आई और अब इस घटना के चोर को पकड़ लिया है। पुलिस ने 24 घंटे में इस मामले का उद्भेदन किया है।  चोर पटना के बुद्धा कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। उसने चोरी का नल कबाड़ में बेच दिया। जिसके बाद पुलिस ने जब इसकी जांच की तो सारा राज खुला और महज  24 घंटे में इस मामले का उद्भेदन किया। जिसके बाद हर कोई पटना पुलिस के इस काम की तारीफ़ करना शुरू कर दिया। 


वहीं, इस सफलता में पटना पुलिस को बधाई मिलने के साथ ही साथ दबे जुबां में यह सवाल भी उठाना शुरू हो गया कि- क्या पटना पुलिस हर मामले में ठीक इसी तरह फ़ास्ट एक्शन नजर नहीं आ सकता है। क्या पुलिस पद और ओहदा देखर एक्शन लेती है। क्यों अबतक राजधानी पटना में भाजपा नेता और वार्ड पार्षद पति निलेश मुखिया पर 31 जुलाई को हुए गोलीबारी में मुख्य आरोपी को अरेस्ट नहीं किया गया है। जबकि पुलिस के पास नामजद शिकायत दर्ज करवाई है। लेकिन, दो महीने होने को है पुलिस को इनका कोई सुराग तक नहीं मिला है। जबकि, फर्द बयान पर निलेश मुखिया के पड़ाेसी तीन भाइयाें पप्पू, धूप्पू और गाेरख राय काे नामजद किया गया था। तीनाें भाइयाें पर हत्या के प्रयास की साजिश करने का केस दर्ज हुआ था।  


इसके साथ ही लोगों का यह भी कहना है कि, राजधानी में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो जिस दिन कहीं न कहीं से गोलीबारी, हत्या, लूट, छिनतई और कई अन्य तरह के अपराधिक मामले में सामने आते रहते हैं और इसके शिकार लोग मदद के लिए थाने की दौड़ लगते रहते हैं। लेकिन, उतनी तेज गति से इनकी मदद नहीं हो पाती है। यदि पुलिस हर मामले में इसी तरह एक्शन ले तो शायद अपराधियों में उनका डर बने तो क्राइम रेट भी कम नजर आए। 


आपको बताते चलें कि, सोमवार को पटना के वीर चंद्र पटेल मार्ग स्थित विधायक फ्लैट में दिन-दहाड़े चोरी हुई थी। एक ही घर में 2 दिन पहले भी चोरी हुई थी। इसके खिलाफ विधायक के परिजनों मामला दर्ज कराया था। 2 दिन बाद फिर चोरी हो गई। चोर भी सिर्फ घर में लगे नल के टोटी, बेसिन में लगे नल को ही ले उड़े थे। उसके बाद महज 24 घंटे में चोर सलाखों के पीछे हैं। जबकि, 31 जुलाई को सुबह पार्षद पति नीलेश यादव उर्फ नीलेश मुखिया अपने घर से ऑफिस के लिए निकले थे. वह कार में बैठे ही थे कि उन पर अपराधियों ने बैक टू बैक सात गोलियां चला दीं, जो उनकी कनपट्टी, गर्दन और सीने में लगी थी. एक अगस्त को उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स ले जाया गया था। 23 दिन बाद इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गयी। लेकिन, इस मामले का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

VISHWAJIT ANAND

FirstBihar संवाददाता