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बिहार की अदालतों की हालत देश में सबसे खराब; देखिये ये रिपोर्ट

DELHI: मुदकमे के भारी बोझ से बिहार के जिला अदालतों की हालत देश में सबसे ज्यादा खराब है. बिहार की जिला अदालतों में आम लोगों के लिए बुनियादी सुविधायें भी उपलब्ध नहीं है. केस-मुकदमे के स

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DELHI: मुदकमे के भारी बोझ से बिहार के जिला अदालतों की हालत देश में सबसे ज्यादा खराब है. बिहार की जिला अदालतों में आम लोगों के लिए बुनियादी सुविधायें भी उपलब्ध नहीं है. केस-मुकदमे के सिलसिले में अदालतों का चक्कर काटने वाले लोगों के लिए न बैठने की जगह है न शौचालय. अदालतों में ये बताने तक का इंतजाम नहीं है कि कहां क्या है. देश भर की जिला अदालतों के सर्वेक्षण में ये रिपोर्ट सामने आया है. बिहार की अदालतें सबसे बदतर, दिल्ली में सबसे ठीक दरअसल ये सर्वे कानून के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी ने किया है. देश के 665 जिला अदालतों का सर्वेक्षण किया गया. वहां पहुंचने वाले मुकदमेदारों से ये पूछा गया कि उन्हें कौन-कौन सी सुविधायें मिल रही हैं. सर्वे में सामने आया कि दिल्ली की जिला अदालतों में सबसे अच्छा कामकाज होता है जबकि बिहार में हालत सबसे खराब है. सर्वे में पता चला कि जिन राज्यों में जिला अदालतों में सबसे अच्छा कामकाज होता है उनमें दिल्ली (90फीसदी), केरल (84फीसदी), हरियाणा (70फीसदी), और हिमाचल प्रदेश (70फीसदी) शामिल हैं. वहीं बिहार की स्थिति सबसे खराब है. बिहार की अदालतों में सिर्फ 26 फीसदी सुविधायें ही उपलब्ध हैं. बिहार की किसी जिला अदालत में सामान की स्कैनिंग की सुविधा नहीं है. कई जिला अदालतों में अग्निशमन सुविधा नहीं है और ज्यादातर अदालतों में आपातकाल में निकासी के संकेतक नहीं हैं. बिहार की अदालतों पर स्वच्छता अभियान का असर नहीं आंकड़े देखें तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान और महिलाओं के लिए अलग शौचालय के अभियान का असर बिहार की जिला अदालतों में नहीं दिखता. बिहार के किसी जिला अदालत में ढंग का शौचालय नहीं है. ज्यादातर जिला अदालत परिसरों में महिला प्रसाधन कक्ष यानी महिलाओँ के लिए अलग शौचालय हैं ही नहीं.
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FirstBihar संवाददाता