ब्रेकिंग
बिहार टेंडर घोटाला: रिशु श्री की जमानत पर फैसला सुरक्षित, IAS संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर कल होगी सुनवाईसम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: पटना से बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, आरा और गया तक रैपिड रेल, AIIMS का भी होगा विस्तारBIHAR: स्पा सेंटर पर स्पेशल क्राइम ब्रांच की रेड, सेक्स रैकेट का खुलासा!, पकड़े गये 4 युवती और 2 युवक भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..बिहार टेंडर घोटाला: रिशु श्री की जमानत पर फैसला सुरक्षित, IAS संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर कल होगी सुनवाईसम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: पटना से बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, आरा और गया तक रैपिड रेल, AIIMS का भी होगा विस्तारBIHAR: स्पा सेंटर पर स्पेशल क्राइम ब्रांच की रेड, सेक्स रैकेट का खुलासा!, पकड़े गये 4 युवती और 2 युवक भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..

बिहार के अस्पतालों में नहीं मिलेगी दूध, सरकार ने लिया फैसला, अस्पतालों में बनेगा स्तनपान वॉर्ड

PATNA : विश्व स्तनपान सप्ताह के आयोजन को लेकर सरकार ने लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली है. राज्य सरकार ने फैसला किया है कि 1- 7 अगस्त तक मनाये जाने वाले स्तनपान सप्ताह के दौरान राज्य क

FirstBihar
Admin
2 मिनट
PATNA : विश्व स्तनपान सप्ताह के आयोजन को लेकर सरकार ने लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली है. राज्य सरकार ने फैसला किया है कि 1- 7 अगस्त तक मनाये जाने वाले स्तनपान सप्ताह के दौरान राज्य के सरकारी अस्पतालों में दूध की बोतल नहीं दी जाएगी. बच्चों के सर्वांगीण मानसिक एवं शारीरिक विकास में स्तनपान की भूमिका अहम होती है. बच्चों के लिए मां का दूध सर्वोत्तम आहार के साथ ही उसका मौलिक अधिकार भी है. स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए जिले में 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. जिसको लेकर सदर अस्पताल और रेफरल अस्पतालों में दूध वितरित करने की सेवा बंद की जाएगी. सरकार ने फैसला किया है कि सूबे के हर एक अस्पतालों में स्तनपान वॉर्ड बनाया जायेगा. विशेषज्ञों के अनुसार मां का दूध बच्चे को डायरिया, निमोनिया और कुपोषण जैसी जानलेवा बिमारियों से बचाता भी है. जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान शुरू कराने से शिशु मृत्यु दर में 20 प्रतिशत तक की कमी लायी जा सकती है. छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया के खतरे में क्रमश: 11 प्रतिशत और 15 प्रतिशत कमी लायी जा सकती है.
रिपोर्टिंग
7

रिपोर्टर

7

FirstBihar संवाददाता