ब्रेकिंग
बिहार टेंडर घोटाला: रिशु श्री की जमानत पर फैसला सुरक्षित, IAS संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर कल होगी सुनवाईसम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: पटना से बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, आरा और गया तक रैपिड रेल, AIIMS का भी होगा विस्तारBIHAR: स्पा सेंटर पर स्पेशल क्राइम ब्रांच की रेड, सेक्स रैकेट का खुलासा!, पकड़े गये 4 युवती और 2 युवक भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..बिहार टेंडर घोटाला: रिशु श्री की जमानत पर फैसला सुरक्षित, IAS संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर कल होगी सुनवाईसम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: पटना से बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, आरा और गया तक रैपिड रेल, AIIMS का भी होगा विस्तारBIHAR: स्पा सेंटर पर स्पेशल क्राइम ब्रांच की रेड, सेक्स रैकेट का खुलासा!, पकड़े गये 4 युवती और 2 युवक भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..

डीजीपी ने 58 पुलिस पदाधिकारियों का मांगा ब्योरा, लेने वाले हैं एक्शन

PATNA: बिहार में पुलिस पुलिसिंग को दुरुस्त करने के लिए लगातार एड़ी-चोटी का जोर लगाए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने अब राज्य के 58 ऐसे पुलिस अधिकारियों का ब्योरा मांगा है जो कई जिलों में प

FirstBihar
Admin
2 मिनट
PATNA: बिहार में पुलिस पुलिसिंग को दुरुस्त करने के लिए लगातार एड़ी-चोटी का जोर लगाए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने अब राज्य के 58 ऐसे पुलिस अधिकारियों का ब्योरा मांगा है जो कई जिलों में पदस्थापित हैं। डीजीपी कार्यालय है इसके लिए कई जिलों के एसपी को पत्र जारी किया है। डीजीपी कार्यालय की तरफ से जारी किए गए पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि 58 पुलिस पदाधिकारियों के तबादलों की अनुशंसा के साथ उनका पूरा सर्विस रिकॉर्ड डीजीपी कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। यह 58 पुलिस अधिकारी पटना के अलावे अररिया, नवगछिया, पूर्णिया, बक्सर, समस्तीपुर, बेतिया, गोपालगंज, सारण, नवादा, शिवहर, बेगूसराय, सुपौल, जमुई, कटिहार, किशनगंज, वैशाली, मधुबनी, कैमूर, भोजपुर, सीतामढ़ी, कटिहार, रेल जमालपुर और रेल कटिहार के साथ-साथ विशेष शाखा में पदस्थापित हैं। माना जा रहा है कि बिहार के डीजीपी की नजर ऐसे पुलिस पदाधिकारियों पर है जो या तो लंबे वक्त से एक ही जिले में टिके हुए हैं या फिर उनका सर्विस रिकॉर्ड ठीक नहीं है।
रिपोर्टिंग
2

रिपोर्टर

2

FirstBihar संवाददाता