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वाह रे..सुशासन की पुलिस, जिन्होंने AES के कारण अपने बच्चे खोए, उनपर ही कर दिया FIR

VAISHALI : बिहार में चमकी बुखार से भले ही डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों की जान चली गई हो, हर रोज बेखौफ अपराधी घटनाओं को अंजाम दे रहे हो लेकिन सुशासन की सरकार और उसकी पुलिस के काम करने का अ

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VAISHALI : बिहार में चमकी बुखार से भले ही डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों की जान चली गई हो, हर रोज बेखौफ अपराधी घटनाओं को अंजाम दे रहे हो लेकिन सुशासन की सरकार और उसकी पुलिस के काम करने का अंदाज अब भी नहीं बदला है। वैशाली जिले के हरिवंशपुर गांव के साथ सुशासन की पुलिस ने जो कुछ किया है, उसने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कि सुशासन सरकार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सुशासन की पुलिस ने वैशाली जिले के हरिवंशपुर गांव के ऐसे 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है जिन्होंने अपने बच्चों को चमकी बुखार की वजह से खो दिया। पुलिस ने इनके खिलाफ जो मामला दर्ज किया है उसमें नेशनल हाईवे को जाम करने का आरोप लगाया गया है। हरिवंशपुर गांव के यह वो लोग हैं जो अपने बच्चों की मौत के बाद गुस्से में सड़क पर आ गए थे। अपनी बेटी को चमकी बुखार की वजह से खो चुके राजेश सहनी कहते हैं कि उन्हें जानकारी मिली थी कि नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर जा रहे हैं लिहाजा वह सड़क पर इस उम्मीद में आए थे शायद मुख्यमंत्री या अधिकारियों के सामने अपना दर्द बयां कर सकेंगे। लेकिन उल्टे पुलिस ने उन पर मामला दर्ज कर लिया। हद तो यह है कि पुलिस ने बिना समझे बुझे गांव के एक विकलांग व्यक्ति के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। यह हाल सुशासन की पुलिस का है जिसके नाक के नीचे अपराधी रोज दिन लूट और हत्या की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि जो सरकार बच्चों की मौत के बाद लोगों की आंख का आंसू नहीं पोंछ सकी क्या उसे पीड़ित परिवारों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।
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