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अमेरिकी कंपनी 'MICROSOFT' के इंडिया हेड बने भागलपुर के राजीव, कभी रेलवे स्टेशन पर काटी थी रातें

BHAGALPUR: भागलपुर के राजीव कुमार अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के इंडिया हेड बनाए गए हैं. 51 साल के राजीव को माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने अपना नया एमडी बनाया है. राजीव माइक्रोसॉफ्ट के साथ पिछ

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BHAGALPUR: भागलपुर के राजीव कुमार अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के इंडिया हेड बनाए गए हैं. 51 साल के राजीव को माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने अपना नया एमडी बनाया है. राजीव माइक्रोसॉफ्ट के साथ पिछले 27 सालों से काम कर रहे हैं. अपने 27 साल के लंबे करियर में उन्होंने स्मार्टफोन पर एमएस वर्ड, एक्सल, पावर प्वॉइंट लाया. वहीं भारत में क्लाउड को फोकस कर नया डेटा सेंटर बनाने में भी उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई. भागलपुर के रहने वाले हैं राजीव राजीव भागलपुर के बौंसी के जबरा गांव के रहने वाले हैं. राजीव ने जब अपनी मास्टर डिग्री पूरी की तो कैम्पस प्लेसमेंट में दो बड़ी कंपनियों ने उन्हें मौका दिया. एक तेल कंपनी 59,000 डॉलर दे रही थी, जबकि माइक्रोसॉफ्ट ने महज 28,000 डॉलर का ही ऑफर दिया था. माइक्रोसॉफ्ट उस समय नई कंपनी थी. लिहादा खुद को साबित करने का मौका मिलने के बाद राजीव माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ गए. अमेरिका के रेडमंड में उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाया गया. उसके बाद उन्हें डिप्टी मैनेजर, जीएम, कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट भी बनाया गया. वे इस पद पर रहने के साथ एमडी (आरएंडडी) भी बनाए गए. कमरा नहीं मिलने पर रेलवे स्टेशन पर काटी रातें राजीव के पिता झारखंड के साहेबगंज स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल में शिक्षक थे. 10वीं तक पढ़ाई के बाद राजीव ने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में दाखिला लिया. वहां हॉस्टल में कमरा नहीं मिलने पर राजीव ने कई रातें रेलवे स्टेशन पर भी बिताई. अब राजीव कुमार माइक्रोसॉफ्ट के इंडिया हेड बनाए गये हैं. राजीव की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार के साथ बिहार को गर्व है.
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