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07-Oct-2025 03:25 PM
By First Bihar
Kartik Maas 2025: हिंदू धर्म में कार्तिक मास को विशेष महत्व प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में जो व्यक्ति कार्तिक के नियमों और व्रतों का पालन करता है, उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है। इस महीने में विशेष रूप से मौन व्रत का पालन करने की परंपरा है। कई धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कार्तिक मास में यह व्रत और नियम मानसिक शुद्धि, आत्मिक लाभ और पापों के नाश का मार्ग प्रदान करते हैं।
धार्मिक परंपरा में कार्तिक मास के दौरान कई नियमों का पालन किया जाता है। इनमें तिल मिलाकर जल से स्नान करना होता है, इसको शारीरिक और मानसिक पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। साथ ही धरती पर सोना भी शामिल है, जिससे विनम्रता और संयम का प्रतीक है। भगवान विष्णु के सामने जागरण और रातभर जागरण करने से सहस्त्र गोदानों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। विशेष मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने वाले युग-युग के पापों से मुक्त होते हैं और उन्हें आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
कार्तिक मास में प्रमुख त्योहार
08 अक्टूबर 2025 : कार्तिक मास का प्रारंभ।
10 अक्टूबर शुक्रवार: करवा चौथ, वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी।
13 अक्टूबर सोमवार: अहोई अष्टमी (अहोई अष्टमी), कालाष्टमी।
17 अक्टूबर शुक्रवार: रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी, सूर्य तुला संक्रांति।
18 अक्टूबर शनिवार: धनतेरस (धन त्रयोदशी), यम दीपदान, प्रदोष व्रत
19 अक्टूबर रविवार: काली चौदस (रूप चतुर्दशी), नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)।
20 अक्टूबर सोमवार: दीपावली (लक्ष्मी-कुबेर पूजन), नरक चतुर्दशी (उदया तिथि), कार्तिक अमावस्या।
21 अक्टूबर मंगलवार: स्नान-दान कार्तिक अमावस्या।
22 अक्टूबर बुधवार: गोवर्धन पूजा, अन्नकूट।
23 अक्टूबर गुरुवार: भाई दूज (यम द्वितीया), चित्रगुप्त पूजा।
25 अक्टूबर शनिवार: छठ पूजा का प्रारंभ (नहाय खाय), विनायक चतुर्थी।
26 अक्टूबर रविवार: छठ पूजा (खरना) पंचमी।
27 अक्टूबर सोमवार: छठ पूजा (संध्या अर्घ्य) षष्ठी।
28 अक्टूबर मंगलवार: छठ पूजा (उषा अर्घ्य) सप्तमी।
30 अक्टूबर गुरुवार: गोपाष्टमी पर्व।
31 अक्टूबर शुक्रवार: आंवला नवमी (अक्षय नवमी)।
02 नवंबर रविवार: देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी)।
03 नवंबर सोमवार: तुलसी विवाह, सोम प्रदोष व्रत।
05 नवंबर 2025 बुधवार: कार्तिक पूर्णिमा (देव दिवाली), गुरु नानक जयंती।
कार्तिक मास में नियमों और व्रतों का पालन व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, संयम और आध्यात्मिक उन्नति लाता है। यह महीने की पवित्रता और उत्सवों का संगम है, जो हिंदू धर्म में अत्यंत पूजनीय माना जाता है।