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09-Jan-2025 07:30 AM
By First Bihar
Hindu New Year: हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन से हिन्दू नववर्ष की शुरुआत होती है और यह पर्व विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। गुड़ी पड़वा का यह पर्व चैत्र नवरात्र की शुरुआत का भी प्रतीक है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही, भक्तजन व्रत रखकर मां दुर्गा के आशीर्वाद की प्राप्ति की कामना करते हैं।
गुड़ी पड़वा का धार्मिक महत्व
सनातन शास्त्रों के अनुसार, गुड़ी पड़वा के दिन ब्रह्म देव ने सृष्टि की रचना की थी। इस पावन दिन पर ब्रह्म देव की पूजा का विशेष महत्व है। मराठी समुदाय इस दिन अपने घरों पर गुड़ी यानी झंडा लगाते हैं, जो सुख-समृद्धि और नए वर्ष का प्रतीक होता है। घरों के मुख्य द्वार पर तोरण भी लगाए जाते हैं, जो घर में शुभता और मंगल के संकेत होते हैं।
गुड़ी पड़वा 2025 का शुभ मुहूर्त और तिथि
ज्योतिषियों के अनुसार, इस वर्ष गुड़ी पड़वा का पर्व 30 मार्च 2025 को मनाया जाएगा। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को संध्याकाल 04 बजकर 27 मिनट पर शुरू होकर 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि का महत्व माना जाता है, इसलिए गुड़ी पड़वा 30 मार्च को मनाना शुभ रहेगा।
इंद्र योग और सर्वार्थ सिद्धि योग
गुड़ी पड़वा के दिन इंद्र योग का निर्माण हो रहा है, जो शाम 05 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। इस योग में शुभ कार्य करने से सिद्धि प्राप्त होती है। इसके अलावा, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है, जो शाम 04 बजकर 35 मिनट से लेकर 31 मार्च को सुबह 06 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग को शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
गुड़ी पड़वा के दिन पंचांग और शुभ समय
सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 13 मिनट
सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 38 मिनट
चंद्रोदय - सुबह 06 बजकर 34 मिनट
चंद्रास्त - शाम 07 बजकर 50 मिनट
शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 41 मिनट से 05 बजकर 27 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 19 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 37 मिनट से 07 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक
गुड़ी पड़वा का पर्व न केवल एक नए वर्ष की शुरुआत है, बल्कि यह एक समय है जब हम अपने जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि का स्वागत करते हैं। इस दिन किए गए शुभ कार्यों से आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में नई उमंग और खुशी का संचार होता है।
गुड़ी पड़वा के इस पर्व पर, आइए हम सभी नए वर्ष के साथ सुख, समृद्धि और सफलता की कामना करें।