ब्रेकिंग न्यूज़

तिरंगे के साथ जश्न बना विवाद! हार्दिक पंड्या पर शिकायत, गर्लफ्रेंड के साथ वीडियो पर मचा बवाल Bihar News: LPG की किल्लत को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, ब्लैकमार्केटिंग रोकने के लिए धावा दल गठित Bihar News: LPG की किल्लत को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, ब्लैकमार्केटिंग रोकने के लिए धावा दल गठित Bihar accident news : पोखरा में डूबने से बुजुर्ग की मौत: शौच के बाद हाथ धोने गए थे; पैर फिसलने से हुआ हादसा LPG raid news : LPG की कालाबाजारी का भंडाफोड़, घर में छिपाकर रखे 10 गैस सिलेंडर जब्त; दो हिरासत में Bihar Missing Case: शॉपिंग करने गई मां-बेटा गायब, पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, पति ने अपहरण का लगाया आरोप LPG को लेकर पटना में पहला FIR: गैस डिलीवरी ब्वाय के खिलाफ थाने में केस दर्ज, गड़बड़ी करने वाले हो जाएं सावधान! LPG को लेकर पटना में पहला FIR: गैस डिलीवरी ब्वाय के खिलाफ थाने में केस दर्ज, गड़बड़ी करने वाले हो जाएं सावधान! दहेज की बलि चढ़ी मासूम... एलईडी टीवी और मिक्सर की मांग ने ली नवविवाहिता की जान; गला दबाकर हत्या का आरोप RRB Exam : हाथ बना नकल की कॉपी, गेट से भी निकल गया; यूपी में ऐसे धरा गया बिहार का शातिर परीक्षार्थी

Amavasya 2025: कब है अमावस्या, पढ़ें महत्व और पितृ दोष से मुक्ति के उपाय

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। यह तिथि पूर्वजों की आत्मा की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए उत्तम मानी जाती है। इस दिन पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

05-Mar-2025 06:00 AM

By First Bihar

Amavasya 2025: अमावस्या तिथि हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, जिससे साधक को पितृ दोष से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने से व्यक्ति को भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है।


पितृ सूक्तम् पाठ और उसका महत्व

पितृ दोष से मुक्ति के लिए अमावस्या के दिन विशेष रूप से पितृ सूक्तम् पाठ का महत्व बताया गया है। यह पाठ पितरों को प्रसन्न करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इस पाठ के माध्यम से व्यक्ति अपने पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करता है, जिससे उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।


पितृ सूक्तम् पाठ:

उदिताम् अवर उत्परास उन्मध्यमाः पितरः सोम्यासः।

असुम् यऽ ईयुर-अवृका ॠतज्ञास्ते नो ऽवन्तु पितरो हवेषु॥


अंगिरसो नः पितरो नवग्वा अथर्वनो भृगवः सोम्यासः।

तेषां वयम् सुमतो यज्ञियानाम् अपि भद्रे सौमनसे स्याम॥


अमावस्या पर पितृ दोष निवारण के उपाय

पिंडदान और तर्पण: इस दिन अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए गंगा, यमुना या किसी भी पवित्र नदी में पिंडदान और तर्पण करना अत्यंत लाभकारी होता है।

श्राद्ध कर्म: अगर पितृ दोष से मुक्ति पानी हो तो इस दिन विधिपूर्वक श्राद्ध और भोजन दान करना चाहिए।

दान-पुण्य: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।

गाय को चारा और कौओं को भोजन: इस दिन गाय को चारा खिलाना और कौओं को भोजन कराना भी लाभकारी होता है।

विशेष मंत्र जाप: अमावस्या पर 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र का जाप करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है।


चैत्र अमावस्या और सूर्य ग्रहण का विशेष संयोग

इस वर्ष चैत्र अमावस्या पर सूर्य ग्रहण भी लगेगा, जो ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण काल में विशेष रूप से मंत्र जाप, ध्यान और दान करने से सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। अमावस्या तिथि आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण होती है और इस दिन किए गए पवित्र कार्यों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विशेष रूप से, पितृ सूक्तम् पाठ, तर्पण, और दान-पुण्य करने से न केवल पितृ दोष से राहत मिलती है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहती है।