अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड
08-Feb-2024 08:37 PM
By Aryan Anand
PATNA: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिनके घर शीशे के बने होते है उन्हें दूसरे के घर पर पत्थर नही फेंकना चाहिए, पर इतनी समझ राहुल को आ जाती तो शायद कांग्रेस का यह हाल नही होता। खैर राहुल खुद देश की जनता को बता दें कि वे खुद किस जाति से आते है?
ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि अगर जनता राहुल गांधी के जात पर प्रश्न उठाने लगेंगे तो फिर वे क्या जवाब देंगे? जात तो छोड़िए अगर जनता यह पूछ ले कि आपके पिताजी किस जात तो छोड़िए किस धर्म के थे, वे किस धर्म के है तो राहुल की स्थिति वैसे ही हो जायेगी जैसा आज सभी राज्यों में कांग्रेस की स्थिति है। हमारे बिहार में एक कहावत है "बिना पेंदी के लोटा"। यह कहावत बिल्कुल फिट बैठती है उनके ऊपर।
उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज से नही बल्कि काफी पहले से अच्छी तरह से जानती है कि वे देश के गुदरी के लाल हैं। बच्चा बच्चा यह जानता है कि वे वैश्य समाज से आते हैं और अगर राहुल भूल गए हैं तो उन्हें याद दिलाने की जरूरत है कि चायवाला से सफर शुरू कर आज वे भारत की जनता के आशीर्वाद से देश के प्रधानमंत्री के पद पर हैं। इसके बाद भी अगर उनकी याददाश्त कमजोर है तो वे 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद तीसरी बार उन्हें प्रधानमंत्री बनते देख लें।