अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड
01-Sep-2022 10:56 AM
PATNA : मंत्री कार्तिकेय सिंह की फ़ज़ीहत को लेकर अब जेडीयू ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने मोदी पर हमला बोलते हुए कहा है 'चलनी दूसे सूप को'
ललन सिंह ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए सुशील मोदी को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा है, सुशील मोदी जी, नीतीश जी को चुनौती देने से पहले अपने गिरेबान में झांक लें। उत्तर प्रदेश सरकार के कारनामों को देख लें। यूपी के मंत्री श्री राकेश सचान को कितने साल की सजा हुई है ? सजायाफ्ता होने के बाद भी मंत्री बने हैं कि नहीं ? मंत्री जी अदालत से सजा की कॉपी लेकर भाग गए। कुछ बोलने से पहले थोड़ी तो शर्मिंदगी का अहसास कीजिए। नीतीश जी को ज्ञान देने की जरूरत नहीं है। एक कहावत है, 'चलनी दूसे सूप को जिसमें खुद बहत्तर छेद'... नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपनी नैतिकता का भी आकलन कर लें।
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा है, 'लखीमपुर खीरी का जवाब भी जनता आपसे जानना चाहती है। जरा मुंह तो खोलिए, कुछ तो बोलिए..! और जरा यह भी बताइये कि लखीमपुर खीरी की घटना पर सर्वोच्च न्यायालय ने क्या-क्या टिप्पणियां की थी आपकी उत्तरप्रदेश सरकार पर। आत्ममंथन कीजिए, चिंतन-मनन कीजिए.....तब बोलिए।'
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर राकेश सचान के खिलाफ अपनी सजा की फाइल लेकर कोर्ट से भागने का आरोप लगा था। कानपुर की एक अदालत ने सचान को एक मामले में दोषी ठहराया था, लेकिन अदालत के सजा सुनाने के पहले ही मंत्री महोदय अपने वकील की मदद से दोषसिद्धि आदेश की मूल प्रति लेकर ही भाग निकले थे।