बिहार के तीन लापरवाह थानेदार पर गिरी गाज, एसपी ने ले लिया बड़ा एक्शन; पुलिस महकमे में मचा हड़कंप Bihar News : पटना में अब घर बैठे मिलेगी जिंदा मछली! 10 जगहों पर खुलेंगे मॉडर्न फिश आउटलेट, देखें पूरी लिस्ट Amazon Parcel Scam : Amazon पार्सल में शराब का खेल! मछली दाना के नाम पर 314 लीटर तस्करी का खुलासा; पढ़िए पूरी खबर Bihar Accident : शराब लदी कार का कहर! दुकान खोल रहे बुजुर्ग को रौंदा, मौत के बाद ग्रामीणों ने किया सड़क जाम Bihar crime news : बिहार में खौफनाक वारदात! सरेराह दो राहगीरों को मारी 5 गोली, खून से लथपथ सड़क, दहशत में लोग Matric Result 2026: आज खत्म होने वाला है इंतजार : बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 इस समय जारी होगा; जल्दी देखें अपना रिजल्ट Bihar News : आज नहीं देंगे इस्तीफा! आखिरी समय में बदला प्लान, क्या 30 मार्च से पहले फैसला लेंगे नितिन नवीन? Bihar Police : बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव! अब मिनटों में मिलेगा प्रमोशन और पैसा, खत्म होगी फाइलों की देरी Bihar News : युद्ध का खतरा बढ़ा तो बिहार सरकार एक्शन में! राशन-गैस से लेकर प्रवासियों तक सब पर बनी खास टीम, यह IAS अधिकारी होंगे हेड Bihar IAS officers : बिहार में अफसरों की कमी खत्म! इस दिन 11 नए IAS संभालेंगे मोर्चा, बदलेगी प्रशासन की रफ्तार
16-Jul-2023 09:29 PM
By Vikramjeet
HAJIPUR: हाजीपुर लोकसभा सीट की दावेदारी को लेकर चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच संग्राम छिड़ गया है। हाजीपुर पहुंचे पारस चिराग का नाम सुनते ही भड़क गए और पुराने राज को खोल दिया। पारस ने कहा कि उनके बड़े भाई रामविलास पासवान को चिराग पर भरोसा नहीं था, इसलिए उन्होंने उन्हें उत्तराधिकारी बना कर हाजीपुर से चुनाव लड़ने के लिए भेजा था। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान की स्थिति उस जानवर जैसी है, जो बीच सड़क पर खड़ा होकर यह निर्णय नहीं कर पाता है कि वह दांय जाए कि बांय जाए। पारस ने कहा कि चिराग एक तरफ खुद को मोदी की हनुमान बताते हैं तो दूसरी तरफ लालू को अपना आदर्श और तेजस्वी को भाई बताते हैं, उनकी स्थिति गजब है।
दरअसल, केंद्रीय मंत्री सह सांसद पशुपति कुमार पारस ने लालगंज में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि एनडीए में शामिल होने के लिए केवल चिराग को ही नहीं बल्कि 31 दलों को बुलाया गया है और धीरे-धीरे सभी को पत्र भेजा जा रहा है। चुनावी वर्ष में एनडीए हो या यूपीए सभी अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाह रहे हैं। बैठक में शामिल होने के लिए चिराग को भी बुलाया गया है लेकिन सिर्फ बुलाने से कुछ नहीं होने वाला है। चिराग हाजीपुर से चुनाव लड़ने की डिमांड कर रहे हैं, उस डिमांड का क्या होगा। उन्होंने कहा कि जब रामविलास पासवान जीवित थे, तब उन्होंने चिराग को हाजीपुर से चुनाव लड़ने के लिए कहा था लेकिन उसने इनकार कर दिया था।
पारस ने कहा कि उस वक्त रामविलास पासवान ने कहा था कि उन्हें अपने बेटे से ज्यादा भरोसा उनपर है, इसलिए हाजीपुर से चुनाव लड़ने को कहा था और अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। उनके कहने पर चुनाव लड़ा और जीतकर मंत्री भी बना। चिराग को बताना चाहिए कि वह जमुई क्यों छोड़ना चाह रहे हैं। जिस जमुई की जनता ने सड़क से उठाकर चिराग को नेता बनाया, उस जमुई की जनता से वे विश्वासघात क्यों कर रहे हैं। पारस ने कहा कि जिस चिराग पासवान ने हाजीपुर और बिहार के लोगों के लिए दरवाजा बंद कर दिया था वह आज हाजीपुर के लोगों की बात कर रहे हैं।