मुजफ्फरपुर: मनीष राज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, कुख्यात कन्हाई ठाकुर समेत 6 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: अंजनी कुमार सिंह बने नगर थानाध्यक्ष, शरत कुमार को सदर की कमान दारोगा भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, महिला सिपाही समेत 4 हिरासत में बिहार में बढ़ते क्राइम के लिए BJP ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया, कहा..जब से तेजस्वी विदेश से लौटे हैं, तब से अपराध बढ़ गया है कटिहार में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव कटिहार के न्यू मार्केट में भीषण चोरी, ज्वेलरी शॉप का शटर उखाड़ 30 लाख के गहने ले उड़े चोर डेढ़ लाख की सैलरी और सीएम ऑफिस तक काम करने का मौका, मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के लिए जल्द करें आवेदन, नीतीश सरकार की बड़ी योजना बेगूसराय में बेलगाम ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, युवक की मौत, जीजा की हालत गंभीर Bihar Bhumi: रैयतों के हित में सरकार का मेगा अभियान- दाखिल खारिज-परिमार्जन के 46 लाख आवेदनों का एक झटके में होगा निबटारा, राजस्व विभाग ने तय की तारीख, जानें... Bihar Top 10 News: नीट छात्रा कांड में अब तक पुलिस को सफलता नहीं, सारण में बनेगा नया एयरपोर्ट, पवन सिंह का वायरल वीडियो
01-Jun-2025 01:33 PM
By FIRST BIHAR
Hate Speech Case: मुख्तार अंसारी के बेटे और विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में मऊ कोर्ट ने शनिवार को दो साल की सजा सुनाई थी। सजा के ऐलान के साथ ही अब उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई है। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने अब्बास की सीट को रिक्त घोषित करते हुए इसकी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी है। रविवार को विशेष रूप से सचिवालय कार्यालय खोला गया और पत्र चुनाव आयोग को भेजा गया।
दरअसल, यह मामला वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान का है। चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में अब्बास अंसारी ने कहा था, “मैं सपा मुखिया अखिलेश यादव से कह कर आया हूं कि सरकार बनने के बाद छह महीने तक किसी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगी। जो जहां है, वहीं रहेगा। पहले हिसाब-किताब होगा, फिर ट्रांसफर।” इस बयान के बाद मऊ कोतवाली में सब-इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद शनिवार को कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया। सजा के बाद अब्बास की सदर विधानसभा सीट को यूपी विधानसभा सचिवालय ने रिक्त घोषित कर दिया है। नियमानुसार, अब इस सीट पर छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाएगा।
बता दें कि अब्बास अंसारी पर मनी लॉन्ड्रिंग और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं। नवंबर 2022 से वे जेल में बंद थे और दो महीने पहले ही उन्हें जमानत मिली थी। उन पर आपराधिक गतिविधियों और अवैध वित्तीय लेनदेन में संलिप्त रहने के आरोप थे। अब हेट स्पीच मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें फिर से सजा हो गई, हालांकि कोर्ट ने उन्हें उसी दिन जमानत भी दे दी।
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में अब्बास अंसारी ने अपने पिता मुख्तार अंसारी की जगह सुभासपा-सपा गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में मऊ सदर सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने 1,24,691 वोट पाकर जीत हासिल की थी।