ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Politics : बिहार में कैसे शुरू हुई थी जनता के खातों में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था? अतीत की बहस से आज की सियासत तक; पढ़ें यह महत्वपूर्ण बातें LPG Cylinder New Rule: कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक, घरेलू सिलेंडर पर सख्ती; शादी वाले घरों में बढ़ी परेशानी BIHAR NEWS : अब सुधा बूथों पर मिलेगा इस तरह का दूध, मटन खरीदने के लिए इस जगह लगेगी दूकान; सरकार बना रही बड़ा प्लान Nitish Kumar : समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में इस जिले में पहुंचेंगे CM नीतीश कुमार, 570 करोड़ की 213 योजनाओं की देंगे सौगात Rajyasabha Election: किंगमेकर ओवैसी ने नहीं खोले पत्ते, RJD उम्मीदवार पर खतरा Bihar Politics : ओवैसी की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति, पांचवीं सीट पर बढ़ा सस्पेंस; दिल्ली में तैयार रणनीति से बढ़ सकती है तेजस्वी की टेंशन Bihar Politics: निशांत के लिए बदल दी नीति! 2009 उपचुनाव में JDU नेता, मंत्री और विधायक-सांसदों के लिए बने नियम की अचानक क्यों होने लगी चर्चा? जानिए नीतीश कुमार ने क्या कहा था Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम बिहार मौसम अपडेट: 34.3°C पहुंचा तापमान, 12 जिलों में बारिश की संभावना, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट बिहार के बदलते-बदलते खुद बदल गये नीतीश कुमार, तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान

Hate Speech Case: हेट स्पीच मामले में कोर्ट ने अब्बास अंसारी को ठहराया दोषी, थोड़ी देर में सजा का ऐलान

Hate Speech Case: मऊ विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। साल 2022 में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. अब सजा के ऐलान के साथ उनकी विधायकी पर संकट मंडरा रहा है.

31-May-2025 02:14 PM

By FIRST BIHAR

Hate Speech Case: माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में मऊ के जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया है। आज इस मामले में सजा का ऐलान किया जाना है। कोर्ट के फैसले पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि सजा होने की स्थिति में अब्बास अंसारी की विधायकी रद्द हो सकती है।


यह मामला वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान का है, जब मऊ के पहाड़पुरा इलाके में आयोजित एक जनसभा में अब्बास अंसारी ने कथित रूप से विवादित बयान दिया था। आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों को सत्ता में आने के बाद "हिसाब-किताब करने" की धमकी दी थी, जिसे हेट स्पीच की श्रेणी में माना गया।


इस बयान को लेकर मऊ कोतवाली में सब इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद अब्बास अंसारी और उनके भाई उमर अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। दोनों भाई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए थे।


करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद, आज इस बहुचर्चित मामले में अंतिम फैसला आ रहा है। अदालत का यह फैसला न केवल अब्बास अंसारी के राजनीतिक भविष्य, बल्कि उनकी विधानसभा सदस्यता को भी तय करेगा कि क्या वह विधायक बने रहेंगे या उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।