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05-Mar-2021 02:36 PM
PATNA : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति देवी प्रसाद तिवारी की नियुक्ति को लेकर आज बिहार विधान परिषद में बवाल खड़ा हो गया. दरअसल विधान परिषद में कुलपति की नियुक्ति और उनके ऊपर भ्रष्टाचार के मामले को लेकर ध्यानाकर्षण के जरिए यह मामला सदस्यों की तरफ से लाया गया था. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के मौजूदा कुलपति के ऊपर लखनऊ विश्वविद्यालय में रहते हुए वित्तीय अनियमितता समेत अन्य तरह के आरोप लगे हैं. वह लखनऊ विश्वविद्यालय में जांच का सामना कर रहे हैं. इसके बावजूद बिहार में उन्हें वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय का कुलपति बनाए जाने को लेकर सदन में सरकार से जवाब के मांग की गई.
इस मामले पर बिहार विधान परिषद में जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति और उनसे संबंधित मामलों को कुलाधिपति यानी बिहार के राज्यपाल देखते हैं और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि महामहिम ने इस मामले को लेकर एक कमेटी का गठन किया है और बिल्कुल सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति के ऊपर लगे आरोपों की जांच राजभवन कराएगा. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि हालांकि यह मामला सामने आने के बाद अब राज्य सरकार भी विषय पर तुरंत कार्यवाही के लिए राज्यपाल से अनुरोध करेंगे.
विधान परिषद में इस मामले पर बोलते हुए सदस्यों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में तृतीय वर्ग के कर्मियों की बहाली कुलपति की तरफ से किए जाने पर रोक है. लेकिन इसके बावजूद आउटसोर्सिंग पर ना केवल बहाली की जा रही है. बल्कि उन्हें वेतन का भी भुगतान किया जा रहा है. विधान पार्षदों ने इसे घोर वित्तीय अनियमितता बताते हुए इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की.