ब्रेकिंग न्यूज़

कामेश्वर धार्मिक न्यास की बागडोर अब राज परिवार के कुमारों के हाथ, 108 मंदिरों के संरक्षण का संकल्प मोतिहारी में खेलने के दौरान 12 साल के बच्चे को लगी गोली, हालत नाजुक शंकराचार्य अपमान और UGC नियमों के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री जानिये? बिहार में नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला: SSB जवान को अपराधियों ने मारी गोली, इलाके में दहशत क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती सिक्सर के छह गोली छाती में रे.., कट्टा, कानून और कफन, सुलगते कटिहार की खौफनाक दास्तान गोपालगंज में नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता की सूझबूझ से टली बड़ी घटना मुजफ्फरपुर में देशभक्ति का महासैलाब: 1100 फीट लंबे तिरंगे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा Aadhaar Vision 2032: फिंगरप्रिंट की जगह फेस ऑथेंटिकेशन, आधार सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव; जानिए..

उत्पाद विभाग का ट्रेजरी अफसर शराब के नशे में गिरफ्तार, नशेड़ी अधिकारी को मिला VIP ट्रीटमेंट, बिना हथकड़ी लगाये लाया गया कोर्ट

उत्पाद विभाग का ट्रेजरी अफसर शराब के नशे में गिरफ्तार, नशेड़ी अधिकारी को मिला VIP ट्रीटमेंट, बिना हथकड़ी लगाये लाया गया कोर्ट

02-May-2024 10:29 PM

By First Bihar

KISHANGANJ: बिहार में 8 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इस कानून को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी जिस विभाग को है वहां के अधिकारी ही इस कानून को ठेंगा दिखाने का काम कर रहे हैं। यू कहे कि शराबबंदी की धज्जियां उड़ा रहे हैं। 


हम बात किशनगंज की कर रहे हैं जहां उत्पाद विभाग के ट्रेजरी अफसर नरेंद्र कुमार को शराब के नशे में आवास से गिरफ्तार किया गया और जब ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई तब शराबी पीने की पुष्टि हुई। जिसके बाद उत्पाद विभाग ने ट्रेजरी अफसर को बिना हथकड़ी लगाये कोर्ट लाया गया। गिरफ्तारी के बाद कोषागार पदाधिकारी को किसी वीआईपी की तरह ट्रीट किया गया। 


जहां आम लोग जब शराब पीते पकड़े जाते हैं तो उनकी हाथों में हथकड़ी लगायी जाती है और हथकड़ी में ही उन्हें कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए लाया जाया है लेकिन शायद यह नियम कानून ट्रेजरी अफसर पर लागू नहीं होता। यही नहीं कोर्ट ले जाने के दौरान उन्हें भवन निर्माण विभाग के चेंबर में बिठाया गया। जहां नशेड़ी ट्रेजरी अफसर चेंबर में बैठकर मोबाइल पर बात करते रहे और चेम्बर के बाहर उत्पाद विभाग के कर्मी खड़े रहे जो नशेड़ी पदाधिकारी के आवाभगत में लगे हुए थे। चेम्बर में आराम फरमा रहे नशेड़ी पदाधिकारी को फिर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया।  

KISHANGANJ: बिहार में 8 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इस कानून को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी जिस विभाग को है वहां के अधिकारी ही इस कानून को ठेंगा दिखाने का काम कर रहे हैं। यू कहे कि शराबबंदी की धज्जियां उड़ा रहे हैं। 


हम बात किशनगंज की कर रहे हैं जहां उत्पाद विभाग के ट्रेजरी अफसर नरेंद्र कुमार को शराब के नशे में आवास से गिरफ्तार किया गया और जब ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई तब शराबी पीने की पुष्टि हुई। जिसके बाद उत्पाद विभाग ने ट्रेजरी अफसर को बिना हथकड़ी लगाये कोर्ट लाया गया। गिरफ्तारी के बाद कोषागार पदाधिकारी को किसी वीआईपी की तरह ट्रीट किया गया। 


जहां आम लोग जब शराब पीते पकड़े जाते हैं तो उनकी हाथों में हथकड़ी लगायी जाती है और हथकड़ी में ही उन्हें कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए लाया जाया है लेकिन शायद यह नियम कानून ट्रेजरी अफसर पर लागू नहीं होता। यही नहीं कोर्ट ले जाने के दौरान उन्हें भवन निर्माण विभाग के चेंबर में बिठाया गया। जहां नशेड़ी ट्रेजरी अफसर चेंबर में बैठकर मोबाइल पर बात करते रहे और चेम्बर के बाहर उत्पाद विभाग के कर्मी खड़े रहे जो नशेड़ी पदाधिकारी के आवाभगत में लगे हुए थे। चेम्बर में आराम फरमा रहे नशेड़ी पदाधिकारी को फिर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया।