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ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़ा खेल करने वाले मंत्री रामसूरत राय भड़के: अब जनता की कोई शिकायत नहीं सुनूंगा, विभाग चलाना बेवकूफी है

ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़ा खेल करने वाले मंत्री रामसूरत राय भड़के: अब जनता की कोई शिकायत नहीं सुनूंगा, विभाग चलाना बेवकूफी है

09-Jul-2022 09:47 PM

PATNA: अपने विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़ा खेल करने वाले मंत्री जी भड़क गये हैं. एक दिन पहले ही सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़े खेल को पकड़ने के बाद सारे तबादलों पर रोक लगा दिया था. मंत्री की पोल खुली तो आज वे भड़क गये. बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने आज एलान कर दिया कि अब विभाग चलाना बेवकूफी है. मंत्री जी अब जनता की कोई शिकायत नहीं सुनेंगे. मंत्री ने विधायकों को भी कह दिया है कि अगर काम कराना है तो सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास जायें.


बता दें कि शुक्रवार को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर गड़बडी पकड़ी थी. 30 जून की रात राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 149 सीओ, 27 सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी और दो चकबंदी पदाधिकारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग किया था. मुख्यमंत्री ने इस तबादले पर रोक लगाते हुए इसकी समीक्षा के आदेश दिये थे. आरोप है कि ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर पैसे का खेल हुआ. सीओ के लिए तीन साल का कार्यकाल तय है लेकिन समय से पहले ही उनका ट्रांसफर कर दिया गया. ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर जातिवाद होने का भी आरोप लगा. 


मंत्री जी भड़के

वैसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रामसूरत राय पहले से ही विवादों में रहे हैं. पिछले साल भी उनके विभाग में हुए ट्रांसफर पोस्टिंग पर गंभीर सवाल उठे थे. लेकिन इस बार सीधे मुख्यमंत्री ने दखल दिया. मुख्यमंत्री के आदेश से उनके विभाग का ट्रांसफर पोस्टिंग रूकने के बाद रामसूरत राय ने आज मीडिया से बात की. मंत्री ने पहले तो ये कहा कि ट्रांसफर पोस्टिंग की जांच करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. ऐसे में अगर सीएम ने आदेश दिया है तो वे जांच करा लें. लेकिन उसके बाद मंत्री के तेवर गर्म हुए. मंत्री बोले-राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पर तो माफियाओं का कब्जा है. वही माफिया मेरा विरोध कर रहे हैं. मैंने तो माफियाओं की नकेल कस दी है. इसलिए ही इतनी बेचैनी हो रही है.


विभाग चलाना बेवकूफी

मंत्री रामसूरत राय यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा- मैं मंत्री रहने के लिए लालायित नहीं हूं. मैं 20 महीने से मंत्री हूं और 20 दिन भी अपने घर का काम नहीं किया है. पूरे विभाग को सही किया है. जनता की शिकायत सुनी है. हमसे ज्यादा जनता दरबार किसी ने नहीं लगाया होगा. लेकिन अब मैं कहीं भी जनता दरबार नहीं लगाऊंगा. मैं अब जनता की कोई समस्या नहीं सुनूंगा. जब विभाग के अंदर मंत्री को स्वतंत्र अधिकार नहीं मिल सकता तो विभाग चलाना बेवकूफी है.


मंत्री ने विधायकों को भी कोसा. उन्होंने कहा जो विधायक मेरे पास शिकायत लेकर आते हैं वे सीधे मुख्यमंत्री के पास जायें. दरअसल मंत्री ये दावा कर रहे हैं कि उन्होंने विधायकों की सिफारिश से ट्रांसफर पोस्टिंग किया है. लेकिन अब अगर किसी विधायक को कोई काम कराना है तो वे सीधे मुख्यमंत्री के पास जायें.

PATNA: अपने विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़ा खेल करने वाले मंत्री जी भड़क गये हैं. एक दिन पहले ही सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़े खेल को पकड़ने के बाद सारे तबादलों पर रोक लगा दिया था. मंत्री की पोल खुली तो आज वे भड़क गये. बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने आज एलान कर दिया कि अब विभाग चलाना बेवकूफी है. मंत्री जी अब जनता की कोई शिकायत नहीं सुनेंगे. मंत्री ने विधायकों को भी कह दिया है कि अगर काम कराना है तो सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास जायें.


बता दें कि शुक्रवार को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर गड़बडी पकड़ी थी. 30 जून की रात राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 149 सीओ, 27 सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी और दो चकबंदी पदाधिकारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग किया था. मुख्यमंत्री ने इस तबादले पर रोक लगाते हुए इसकी समीक्षा के आदेश दिये थे. आरोप है कि ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर पैसे का खेल हुआ. सीओ के लिए तीन साल का कार्यकाल तय है लेकिन समय से पहले ही उनका ट्रांसफर कर दिया गया. ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर जातिवाद होने का भी आरोप लगा. 


मंत्री जी भड़के

वैसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रामसूरत राय पहले से ही विवादों में रहे हैं. पिछले साल भी उनके विभाग में हुए ट्रांसफर पोस्टिंग पर गंभीर सवाल उठे थे. लेकिन इस बार सीधे मुख्यमंत्री ने दखल दिया. मुख्यमंत्री के आदेश से उनके विभाग का ट्रांसफर पोस्टिंग रूकने के बाद रामसूरत राय ने आज मीडिया से बात की. मंत्री ने पहले तो ये कहा कि ट्रांसफर पोस्टिंग की जांच करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. ऐसे में अगर सीएम ने आदेश दिया है तो वे जांच करा लें. लेकिन उसके बाद मंत्री के तेवर गर्म हुए. मंत्री बोले-राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पर तो माफियाओं का कब्जा है. वही माफिया मेरा विरोध कर रहे हैं. मैंने तो माफियाओं की नकेल कस दी है. इसलिए ही इतनी बेचैनी हो रही है.


विभाग चलाना बेवकूफी

मंत्री रामसूरत राय यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा- मैं मंत्री रहने के लिए लालायित नहीं हूं. मैं 20 महीने से मंत्री हूं और 20 दिन भी अपने घर का काम नहीं किया है. पूरे विभाग को सही किया है. जनता की शिकायत सुनी है. हमसे ज्यादा जनता दरबार किसी ने नहीं लगाया होगा. लेकिन अब मैं कहीं भी जनता दरबार नहीं लगाऊंगा. मैं अब जनता की कोई समस्या नहीं सुनूंगा. जब विभाग के अंदर मंत्री को स्वतंत्र अधिकार नहीं मिल सकता तो विभाग चलाना बेवकूफी है.


मंत्री ने विधायकों को भी कोसा. उन्होंने कहा जो विधायक मेरे पास शिकायत लेकर आते हैं वे सीधे मुख्यमंत्री के पास जायें. दरअसल मंत्री ये दावा कर रहे हैं कि उन्होंने विधायकों की सिफारिश से ट्रांसफर पोस्टिंग किया है. लेकिन अब अगर किसी विधायक को कोई काम कराना है तो वे सीधे मुख्यमंत्री के पास जायें.