बिहार में जमीन खरीदना होगा महंगा!, अप्रैल से निबंधन दर में चार गुना बढ़ोतरी की संभावना, MVR भी बढ़ेगा 6-lane bridge : पटना से उत्तर बिहार का सफर होगा आसान, होली के बाद शुरू होगा यह 6-लेन पुल; CM नीतीश ने किया निरीक्षण Bihar Attendance App : बिहार में टीचर के अटेंडेंस को लेकर शिक्षा विभाग का नया आदेश, मंगलवार से हर हाल में करना होगा यह काम Bihar expressway : बिहारवासियों को मिली बड़ी सौगात, अब महज दो घंटों में तय होगी 5 घंटों वाली दूरी; शुरू होने जा रहा यह एक्सप्रेसवे Patna Medical College : PMCH में शिफ्टिंग की तारीख तय, फरवरी के इस डेट से नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगे यह दो विभाग मुंगेर में रिश्तों का कत्ल: 13 वर्षीय छात्र की गला दबाकर हत्या, मुंहबोले दादा पर घर के चिराग को बुझाने का आरोप Indian Railway new rules : यदि दोस्तों के साथ जाना चाह रहे गोवा- मनाली या परिवार के वैष्णों देवी; तो जरूर पढ़ लें यह खबर, रेलवे ने नियमों में किया बड़ा बदलाव Bihar land registry : बिहार में इस महीने से बदल रहे जमीन रजिस्ट्री के नियम, सरकार का निर्णय; इन लोगों को होगा बड़ा फायदा Bihar politics : अपराधियों का राजनीति में आना दुर्भाग्य, बोले BJP विधायक – पप्पू यादव को जेल में ही रहना चाहिए Patna Metro : होली बाद शुरू होगा इन दो स्टेशनों के बीच सफर, इस महीने के अंतिम सप्ताह तक जांच के लिए दिल्ली से आएगी टीम
15-Jul-2020 06:14 PM
DESK : कोरोना काल में जब पहली बार लॉकडाउन की घोषणा की गई थी, तब पलायन की वो दुखदाई तस्वीर सभी ने देखी थी. देश के कोने कोने में काम की तलाश में गए मजदूर काम ना होने की वजह से अपने गांव-घर लौटने को मजबूर थे. ऐसे में महाराष्ट्र में फंसे मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने पहल की थी. सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस नेक काम को खूब सराहा था. सोनू सूद ने उस मुश्किल घड़ी में रीयल हीरो बन प्रवासियों की मदद की थी.
अपने इन्ही दिनों के अनुभवों को लेकर सोनू सूद अब एक किताब लिखने वाले हैं. इसके लिए उन्होंने पेंग्विन रैंडम हाउस के साथ हाथ मिलाया है. माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक सोनू सूद की ये किताब ईबरी प्रेस द्वारा प्रकाशित कर दी जायेगी.
इस बारे में पूछे जाने पर एक्टर सोनू सूद ने कहा कि ‘पिछले करीब साढ़े तीन महीने एक तरीके से मेरे लिए जीवन के बदलने वाले अनुभव रहे. प्रवासियों के साथ 16 से 18 घंटे रहना और उनके दर्द को बंटना. मैं जब उनको उनके घर के लिए अलविदा कहने जाता था, तब मेरा दिल खुशियों से भर जाता था. उनके चेहरे पर मुस्कान, उनकी आखों में खुशी के आसूं, मेरे लाइफ के सबसे स्पेशल अनुभव रहे. मैं वादा करता हूं कि मैं तब तक काम करता रहूंगा, जब तक आखिरी प्रवासी अपने घर और प्रियजनों के पास नहीं पहुंच जाता.'
सोनू आगे कहते हैं कि, 'मुझे विश्वास हैं कि मैं इसलिए ही इस शहर में आया था, यही मेरा उद्देश्य था. मैं भगवान को शुक्रिया कहना चाहूंगा कि उन्होंने प्रवासियों की मदद के लिए मुझे साधन बनाया. मुंबई मेरी दिल की घड़कन हैं, लेकिन अब मुझे लगता है कि मेरा एक हिस्सा यूपी, बिहार, झारखंड, असम, उत्तराखंड और कई अन्य राज्यों के गांवों में रहता है, जहां मुझे अब नए दोस्त मिल गए हैं और गहरे संबंध बनाए हैं. मैंने निर्णय किया है कि इन सभी अनुभवों और कहानियों को एक किताब में पिरोउंगा.'