मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की बड़ी कामयाबी: छपरा कचहरी कांड के अभियुक्त को 5 साल की सजा घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक इस्तेमाल: सारण में 3 होटलों के खिलाफ FIR दर्ज मौका देखकर बदलने वाले को क्या कहते हैं? पंडित..मच गया बवाल बिहार में LPG संकट का असर: स्कूल, हॉस्टल और आंगनबाड़ी में बंद पड़े गैस चूल्हे, लकड़ी पर बन रहा खाना Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी
29-Jun-2024 05:50 PM
By First Bihar
DESK: सरकारी स्कूलों में फर्जी एडमिशन के मामले में सीबीआई ने चार लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में चार लाख से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन फर्जी पाया गया है। पंजाब एंव हरियाणा हाई कोर्ट ने साल 2019 में जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा था।
दरअसल, पूरा मामला साल 2016 का है, जब हाईकोर्ट को बताया गया कि आंकड़ों के सत्यापन के दौरान यह खुलासा हुआ है कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों की विभिन्न कक्षाओं में 22 लाख छात्र थे लेकिन वास्तव में केवल 18 लाख छात्र ही पाए गए जबकि चार लाख छात्रों का नामांकन फर्जी पाया गया। जिसके बाद हाई कोर्ट ने सरकार को जांच के आदेश दिए थे।
सतर्कता ब्यूरो की अनुशंसा पर इस मामले को लेकर सात केस दर्ज किए गए। साल 2019 में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मामले में केस दर्ज होने के बावजूद जांच की रफ्तार काफी धीमी है। जांच को जल्द पूरा कराने के उद्देश्य से हाईकोर्ट ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया। हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई 2019 से इस केस की जांच कर रही थी।
लगभग पांच साल के बाद सीबीआई ने आरोप को सही पाया और चार लाख से अधिक छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई ने साल 2014 से 2016 के बीच हरियाणा के सरकारी स्कूलों में चार लाख छात्रों के फर्जी एडमिशन और इन छात्रों के नाम पर पैसों की बंदरबांट के आरोप में विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया हा।