ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News : अब ‘तारीख-पर-तारीख’ खत्म! हाईटेक मशीन से घूसखोरों पर कसेगा शिकंजा, सबूत रहेंगे हमेशा सुरक्षित Bihar railway news : वंदे भारत पर पथराव, कोच का शीशा टूटा — बच्चे संग सीट के नीचे छिपी महिला, यात्रियों में दहशत BIHAR NEWS : नीट छात्रा मौत मामला: CBI जांच पर उठे सवाल, POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO Bihar Police : 'इंस्पेक्टर से दारोगा बने तो ...', अब नहीं चलेगी मनमानी! DGP बोले- भ्रष्ट पुलिसकर्मी का अब सस्पेंशन नहीं सीधे होगा डिमोशन Bihar News : JDU विधायक के बेटे की सड़क हादसे में मौत, घर से 500 मीटर दूर पेड़ से टकराई थार बेगूसराय में बारात का ‘टशन’ पड़ा भारी: हथियार लहराने वाले 4 के खिलाफ FIR दर्ज, छापेमारी जारी VAISHALI: गोरौल नगर पंचायत कचरा डंपिंग जोन में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी समस्तीपुर पुलिस की बड़ी सफलता: हथियार और कारतूस के साथ तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: बिहार और यूपी में वांछित दो कुख्यात नक्सली को दो जिलों से दबोचा गोपालगंज: दहीभाता पुल लूटकांड का खुलासा, तीन नाबालिग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

Home / news / RJD का स्टैंड क्लियर नहीं ! विधायक बता रहे देवी - देवता को...

RJD का स्टैंड क्लियर नहीं ! विधायक बता रहे देवी - देवता को काल्पनिक, पार्टी सुप्रीमों के बड़े बेटे ने कहा - पढ़िए रामायण और बोलिए सीताराम

30-Oct-2023 08:52 AM

By First Bihar

SARAN : क्या बिहार की सबसे बड़ी पार्टी में यह स्टैंड क्लियर नहीं है कि उन्हें क्या बोलना है और क्या नहीं बोलना है। क्या पार्टी के नेताओं को यह नहीं बताया गया है कि तुम उन्हें किस बातों पर समर्थन करना है और किस बातों का विरोध करना है। यह सवाल उठने के पीछे की वजह यह है कि एक तरफ पार्टी के विधायक लगातार सनातन पर विवादित बयानबाजी करते हैं और सनातन संस्कृति और सनातन धर्म के देवी देवताओं को काल्पनिक बताते हैं तो दूसरी तरफ उनके ही पार्टी के बड़े नेता और लालू यादव के बड़े सुपुत्र देवी देवताओं की पूजा करने के लिए कहते हैं और मंच से संबोधित करते हुए कहते हैं कि- आप लोग सीताराम  और रामायण पढ़िए। ऐसे में अब यह सवाल उठना लाजिमी हो गया है कि क्या आप राजद का स्टैंड क्लियर नहीं है या फिर पार्टी के अंदर कुछ अलग गेम चल रहा है।


दो दिन पहले पार्टी के विधायक फ़तेह बहादुर सिंह ने मिडिया में अपनी बातों को रखते हुए कहा था कि मां दुर्गा काल्पनिक है, इनका कोई अस्तित्व नहीं है। इसलिए मूर्ति पूजा में फिजूल खर्ची करना बेकार है। हम महिषासुर के वंसज है और हम मानते हैं कि दुर्गा का कोई अस्तित्व नहीं है अगर उनका अस्तित्व होता हो वो देश को अंग्रेजों से बचा लेती तब समझता। 


इसके बाद अब दूसरी तरफ उन्हीं के पार्टी के विधायक और बिहार सरकार में मंत्री साथ ही साथ पार्टी सुप्रीमो के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने भड़े मंच से लोगों से निवेदन किया है कि - आप रामायण पढ़िए और पार्क के बदले अयोध्या जाइए। ऐसे में अब यह सवाल उठना लागामी हो गया है कि क्या राजद का स्टैंड क्लियर नहीं है कि उनकी पार्टी के नेता क्या बोलेंगे ? अगर तेजप्रताप सही बोल रहे हैं तो फ़तेह बहादुर गलत है और उससे पहले मानस पर तल्ख़ टिपन्नी करने वाले चंद्रशेखर भी गलत है और इनको पार्टी के तरफ से ऐसा नहीं बोलने की हिदायत मिले। 


दरअसल, छपरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के वन पर्यावरण मंत्री और राजद नेता तेज प्रताप यादव ने कहा कि -  भगवान राम का चरित्र हम सभी के लिए प्रेरणादायी है आज के नौजवानों को वाल्मीकि एवं तुलसीदास जी द्वारा लिखित रामायण का अध्ययन करना चाहिए। युवाओं को पार्को के स्थान पर अयोध्या का भ्रमण करना चाहिए। भगवान राम ऊंच नीच का भेद मिटाने की प्रेरणा देते हैं। 


उन्होंने आजकल कुछ लोग युवाओं को गुमराह करके जाति एवं धर्म के नाम पर नफरत फैलाकर बांटने का काम कर रहे हैं। युवा शास्त्रों का अध्ययन करेगा तो लोगों के बहकावे में नहीं आयेगा। मंत्री तेज प्रताप यादव ने कहा कि जय श्रीराम नहीं सीताराम बोलिए।  जिससे माता सीता एवं भगवान राम दोनों की आराधना होगी।  मातृ शक्ति की आराधना का भी विशेष  महत्व है।युवा पीढ़ी भगवान राम एवं हनुमान जी के चरित्र से प्ररेणा लेकर कुछ ऐसा काम करे जिसे दुनिया सदियों तक याद रखें।


उधर, पार्टी के विधायक और एक मंत्री सनातन धर्म और देवी देवता को लेकर तल्ख़ टिपन्नी कर रहे हैं। पार्टी के नेता और बिहार सरकार में शिक्षा विभाग संभाल रहे मंत्री चंद्रशेखर कहते हैं कि - रामचरित मानस में निचले वर्ग के साथ भेदभाव किया गया है उसे अपमानित किया गया है ,इसलिए इसमें सुधार किया जाना चाहिए। इसके आलावा वो सनातन धर्म और देवता को लेकर भी विवादित बातें कहते हैं। उसके बाद पार्टी के विधायक फ़तेह बहादुर उनसे भी दो कदम आगे निकल कर यह कह डालते हैं कि - दुर्गा पूजा पर बनने वाले बड़े पंडालो में फिजुलखर्ची होता है। मां दुर्गा काल्पनिक है।  दुर्गा सप्तशति में लिखी गई बातों में कोई सच नहीं है।