दावत-ए-इफ़्तार में दिखा सामाजिक सौहार्द, सीएम नीतीश कुमार के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की सभी ने की दुआ दावत-ए-इफ़्तार में दिखा सामाजिक सौहार्द, सीएम नीतीश कुमार के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की सभी ने की दुआ बिहार में हैरान करने वाला मामला: दूल्हे के दोस्त ने शादी में गिफ्ट कर दिया जहरीला सांप, जानिए.. फिर क्या हुआ? क्रिकेटर कुलदीप यादव की शादी में पहुंचे बागेश्वर धाम वाले बाबा, दिया यह खास उपहार UPSC ने जारी किया नोटिफिकेशन… CMS परीक्षा 2026 के लिए आवेदन शुरू, यह है आखिरी तारीख Rajyasabha Election: BJP अध्यक्ष नितिन नबीन चार्टर प्लेन से पहुंचेंगे पटना, उम्मीदवार के साथ साथ वोटर भी हैं 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, जानें कब होगी वोटिंग और काउंटिंग चंद मिनटों में पैसा डबल, 100 लाओ, 200 पाओ! मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रेल यात्री से बड़ी ठगी पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर सिंह गिरफ्तार, यूपी-बिहार की सीमा पर पुलिस ने पकड़ा; क्या है मामला? पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर सिंह गिरफ्तार, यूपी-बिहार की सीमा पर पुलिस ने पकड़ा; क्या है मामला?
07-Jul-2022 07:26 AM
PATNA : पूर्व इस्पात मंत्री और राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह का राज्यसभा में आज यानी गुरुवार को आखिरी दिन है। उन्होंने कार्यकाल खत्म होने से पहले ही 6 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद चर्चा का बाजार तेज हो गया। अब हर कोई ये जानना चाहता है कि आरसीपी सिंह का राजनीतिक भविष्य क्या होगा।
पिछले कई दिनों से आरसीपी सिंह मीडिया के सवालों से बचते नज़र आ रहे थे। उनसे बीजेपी ज्वाइन करने को लेकर भी कई बार सवाल पूछे गए, लेकिन हर बार आरसीपी सिंह ने चुप्पी साधी रखी। दरअसल, इस बार जेडीयू ने आरसीपी सिंह का राज्यसभा से पत्ता काट दिया था। इसके बाद आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार के बीच की दरार भी झलक गई थी। एक वक्त था जब RCP सिंह नीतीश के हनुमान पुकारे जाने पर खुश हो जाते थे, लेकिन राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने साफ़ तौर पर ये कहा कि वो किसी के हनुमान नहीं हैं, बल्कि उनका नाम राम चंद्र है। ऐसे में देखना दिलचस्प हो गया है कि आरसीपी सिंह की राजनीति में अगली चाल क्या होने वाली है।
आपको बता दें राम चंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह ) 2010 से बिहार से राज्यसभा सांसद रहे हैं। आरसीपी सिंह जेडीयू कोटे से एक साल पहले ही मोदी कैबिनेट में मंत्री थे। केंद्रीय इस्पात मंत्री के रूप में उनका शपथग्रहण हुआ था। ख़ास बात तो ये है कि पॉलिटिक्स में एंट्री लेने से पहले वे यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी थे।
नीतीश से जारी तकरार के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि आरसीपी सिंह जल्द ही जेडीयू का साथ भी छोड़ सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से उनके लिए बीजेपी का रास्ता भी मुश्किल हो जाएगा। दरअसल, बिहार में बीजेपी और जेडीयू की सरकार है। अगर आरसीपी सिंह बीजेपी का दामन थामते हैं तो जेडीयू के साथ गठबंधन में दरार पड़ना तय है। जिस तरह से आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार के बीच 36 का आंकड़ा दिख रहा है, उस लिहाज़ से देखा जाए तो उन्हें जेडीयू में कोई बड़ा पद ऑफर नहीं किया जाएगा। हालांकि फिलहाल कुछ भी कहा नहीं जा सकता है।