Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा RTI के तहत प्राइवेट स्कूलों में क्लास 1 में नामांकन की तिथि बढ़ी, अब इतने तारीख तक करें आवेदन 22 साल बाद भारतीय सेना से रिटायर हुए नरेश प्रसाद, नक्सल प्रभावित गांव में हुआ भव्य स्वागत Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में नीतीश-तेजस्वी का मजेदार संवाद, सीएम ने कहा- “बैठो न यार”, हल्की-फुल्की नोक-झोंक बनी चर्चा Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति Bihar Budget Session : बिहार विधानसभा में गरमाई सियासत: तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए आरोप, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा - तुमलोग कुछ काम किए हो जी Budget Session : सेंट्रल हॉल में क्या हुआ था CM नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बातचीत, सदन में नेता विपक्ष ने बताई पूरी कहानी
24-Aug-2024 09:54 PM
By FIRST BIHAR
PATNA: बिहार की राजनीति में अगर कोई डायलॉग सबसे ज्यादा चर्चे में रहा है तो वह है राम और हनुमान का संबंध. चिराग पासवान हजारों दफे ये कह चुके हैं कि वे हनुमान हैं और नरेंद्र मोदी उनके राम हैं. लेकिन अब जो खबर आ रही है वह चौंकाने वाली है. चिराग पासवान अपने राम को झटका देने की तैयारी में हैं. 25 अगस्त को चिराग पासवान की पार्टी की बैठक रांची में होनी है. इस बैठक में प्रस्ताव पारित कराने की तैयारी है कि चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाये.
चिराग की महत्वाकांक्षा
बता दें कि चिराग पासवान ने अपनी पार्टी लोजपा(रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक 25 अगस्त को रांची में बुलायी है. झारखंड में चिराग पासवान की पार्टी का कोई जनाधार नहीं है. वहां से कभी उऩकी पार्टी का कोई विधायक तक नहीं चुना गया है. लेकिन चिराग की असली रणनीति कुछ और है. लोजपा सूत्र इस बैठक के पीछे की पूरी कहानी बता रहे हैं.
मौके का फायदा उठाने की कोशिश में चिराग
लोजपा(रामविलास) के एक नेता ने बताया कि उनकी पार्टी मौके का फायदा उठाना चाहती है. बीजेपी को लोकसभा चुनाव में अकेले बहुमत नहीं मिला है. लिहाजा नरेंद्र मोदी दबाव में हैं. चिराग इस मौके को भुनाना चाहते हैं. उन्हें लग रहा है कि बीजेपी अभी प्रेशऱ में आकर उनकी कई डिमांड को पूरा कर सकती है. रांची की बैठक का भी मकसद यही है.
जहां कोई जनाधार नहीं वहां 28 सीट की मांग
25 अगस्त से पहले चिराग पासवान की पार्टी लोजपा(रामविलास) ने बड़ा ही दिलचस्प दावा किया है. चिराग की पार्टी ने कहा है कि झारखंड की 28 विधानसभा सीटों पर उसकी स्थिति मजबूत है औऱ वह उन सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में लगी है. पिछले चुनावों के रिजल्ट को देखते हुए लोजपा(रामविलास) का दावा बेहद हास्यास्पद नजर आता है. झारखंड में पिछला विधानसभा चुनाव 2019 में हुआ था. उस चुनाव में लोजपा ने 33 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. एक भी उम्मीदवार की जमानत तक नहीं बची थी. पार्टी के लगभग सारे प्रत्याशी 200 से 500 वोट पर सिमट गये थे.
2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी को 0.3 प्रतिशत वोट मिला था. उस चुनाव में कुल मिलाकर 88 पार्टियों ने चुनाव लड़ा था. उसमें सबसे खराब प्रदर्शन लोक जनशक्ति पार्टी का था. अब वही पार्टी कह रही है कि 28 सीटों पर उसका जनाधार है. जाहिर है मामला कुछ औऱ है. बीजेपी को कमजोर मान रहे चिराग पासवान को लग रहा है कि वे दबाव बनाकर झारखंड में एनडीए गठबंधन में एक-दो सीट ले सकते हैं.
बिहार के सीएम पद पर दावेदारी
लोजपा(रामविलास) के एक नेता ने फर्स्ट बिहार को ऑफ द रिकार्ड बताया कि 25 अगस्त की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में चिराग पासवान को बिहार का सीएम पद का दावेदार बनाने का प्रस्ताव पारित किया जायेगा. उनकी पार्टी मानती है कि बीजेपी के पास बिहार में सीएम पद का कोई सही दावेदार नहीं है और चिराग पासवान ही तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को टक्कर दे सकते हैं. लिहाजा बीजेपी ने जैसे किसी दौर में नीतीश कुमार को सीएम पद का दावेदार घोषित किया था वैसे ही 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान का नाम घोषित करे.
चिराग की प्रेशर पॉलिटिक्स
चिराग पासवान की प्रेशर पॉलिटिक्स को बीजेपी के नेता भी समझ रहे हैं. चिराग पासवान और उनकी पार्टी ने हालिया दिनों में आरक्षण से लेकर वक्फ बोर्ड जैसे मुद्दों पर ऐसे बयान दिये हैं जिससे बीजेपी को परेशानी हुई है. बीजेपी की ओर से चिराग को इशारों में समझाने की कोशिश भी हुई है. लेकिन उसका असर नहीं हुआ. अब देखना दिलचस्प होगा कि चिराग पासवान की प्रेशर पॉलिटिक्स का बीजेपी कैसे जवाब देती है.