मुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपये परिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्ट मुंगेर में गैस की कालाबाजारी पर कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 13 डोमेस्टिक सिलेंडर जब्त विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर 3 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय महा दंगल, आयोजन स्थल का जायजा लेने पहुंचे अनंत सिंह Bihar News: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र को भी धनवान बना दिया, छह ठिकानों पर रेड में जमीन के 25 डीड मिले, चाय बगान से लेकर नर्सिंग होम और भी बहुत कुछ.... सुकृष्णा कॉमर्स एकेडमी का कार्यक्रम: ‘प्रतिभा सम्मान समारोह सह ओरिएंटेशन प्रोग्राम 2026’ का भव्य आयोजन “तुमसे सुंदर तो मेरी कामवाली है…” SHO का महिला के साथ अभद्र व्यवहार, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप मुजफ्फरपुर: सादे लिबास में पुलिस की पैनी नजर, हथियार सहित युवक गिरफ्तार बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: ऑटो चालक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या मुंगेर में करोड़ों की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह बंद, लोग खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर
01-Sep-2023 11:22 AM
By MANOJ KUMAR
MUZAFFARPUR: बड़ी खबर मुजफ्फरपुर से आ रही है, जहां राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ परिवाद दायर हुआ है। सीएम अशोक गहलोत कोर्ट पर की गई टिप्पणी को लेकर यह परिवाद दायर कराया गया है। कोर्ट ने परिवार को स्वीकार कर लिया है। इस मामले पर कोर्ट 11 सितंबर को सुनवाई करेगा।
दरअसल, बीते 30 अगस्त को एक कार्यक्रम के दौरान राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत ने देश की न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि अदालतों में इतना भ्रष्टाचार है कि कोर्ट के फैसले तक वकील लिखते हैं, वह जो लिखकर लाते है, वही फैसला आता है। चाहे लोअर ज्यूडिशरी हो या अपर ज्यूडिशरी सभी अदालतों की हालत गंभीर है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान आधार बनाते हुए अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में आपराधिक परिवाद दायर कराया है। परिवादी ने आरोप लगाया है कि सम्मानित पद पर रहते हुए अशोक गहलोत ने जिस तरह का बयान दिया है उससे एक वकील होने के नाते उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। IPC की धारा 500, 501 ,504 और 506 के तहत यह परिवाद दायर कराया गया है, जिसपर 11 सितंबर को सुनवाई होगी।