ब्रेकिंग न्यूज़

मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की बड़ी कामयाबी: छपरा कचहरी कांड के अभियुक्त को 5 साल की सजा घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक इस्तेमाल: सारण में 3 होटलों के खिलाफ FIR दर्ज मौका देखकर बदलने वाले को क्या कहते हैं? पंडित..मच गया बवाल बिहार में LPG संकट का असर: स्कूल, हॉस्टल और आंगनबाड़ी में बंद पड़े गैस चूल्हे, लकड़ी पर बन रहा खाना Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी

पोस्ट ऑफिस में करोड़ों का गबन: मामले की जांच के लिए सहरसा पहुंची सीबीआई की टीम

18-Jan-2023 02:59 PM

By First Bihar

SAHARSA: सहरसा और सुपौल के हेड पोस्ट ऑफिस में करोड़ों रुपये का गबन हुआ था। इस मामले की जांच के लिए आज तीसरी बार CBI की टीम सहरसा पहुंची। डाक विभाग के कर्मी मुकेश मिश्रा के सराही स्थित आवास पर पहुंची सीबीआई टीम मामले की जांच कर रही है। वही इससे पहले मीडिया को देख डाकघर के बाहर से ही टीम लौट गयी।



गबन के इस मामले को लेकर पोस्ट मास्टर जेनरल पटना सर्किल ने पूर्व में इसकी जांच को लेकर सीबीआई को पत्र भेजा था। जिस आलोक में जांच के लिए सीबीआई टीम पहुंची। इससे पहले भी टीम दो बार पहुंच चुकी है। गबन के आरोप में तत्कालीन हेड पोस्ट ऑफिस सहरसा के पोस्ट मास्टर राजेश कुमार को पूर्व में ही निलंबित कर दिया गया था। जबकि इनके साथ 14 अन्य कर्मियों को भी पूर्व में निलंबित किया जा चुका है। 


पोस्ट ऑफिस सहरसा के तत्कालीन पोस्ट मास्टर राजेश कुमार को सरकारी राशि के गबन का मुख्य आरोपी बनाया गया है एवं इस गबन का मास्टरमाइंड भी विभाग द्वारा इन्हें करार दिया गया है। गबन की जांच तत्कालीन पोस्ट मास्टर जनरल अदनान अहमद द्वारा फरवरी माह में की गई थी। जिसमें तीन करोड़ 30 लाख के सरकारी राशि के गबन का मामला उजागर हुआ था।  


जिसे लेकर पोस्ट मास्टर जनरल ने पोस्ट ऑफिस सहरसा के पोस्ट मास्टर को मास्टमाइंड मानते हुए राजेश कुमार को निलंबित कर दिया था। साथ ही उनके सहयोग के लिए 14 अन्य कर्मियों को भी निलंबित किया गया था। मुख्य आरोपी सहरसा हेड पोस्ट आफिस के तत्कालीन पोस्टमास्टर राजेश कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया। 


जांच के दौरान सहरसा हेड पोस्ट आफिस में एक करोड़ 90 लाख एवं सुपौल हेड पोस्ट आफिस में एक करोड़ 30 लाख के सरकारी राशि के गबन का मामला उजागर हुआ। जिसपर कार्रवाई करते तत्काल 14 अन्य कर्मियों की संलिप्तता पाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया।