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21-May-2023 01:15 PM
By First Bihar
DARBHANGA: साल 2013 में पटना के गांधी मैदान में आयोजित पीएम मोदी की हुंकार रैली में ब्लास्ट करने के आरोपी मेहरे आलम को एसटीएफ की टीम ने दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ की टीम ने अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के सिंधौली गांव से शनिवार की रात बम ब्लास्ट के आरोपी को धर दबोचा और उसे अपने साथ ले गई। ब्लास्ट के आरोपी मेहरे आलम को गिरफ्तार करने के बाद एनआईए की टीम उसे लेकर मुजफ्फरपुर पहुंची थी, जहां से वह चकमा देकर फरार हो गया था।
दरअसल, साल 2013 के 27 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की सभा आयोजित थी। इसी दौरान गांधी मैदान और पटना जंक्शन पर कई ब्लास्ट हुए थे। ब्लास्ट की इस घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 82 लोग घायल हुए थे। इस मामले की जांच के दौरान NIA ने मेहरे आलम को कांड का आरोपी बनाया था। एनआईए की टीम ने मेहरे आलम को गिरफ्तार कर अपने साथ मुजफ्फरपुर पहुंची थी जहां उसकी निशानदेही पर मीरपुर में छापेमारी हुई थी हालांकि इस छापेमारी में एनआईए के हाथ कुछ नहीं लगा था।
29 अक्टूबर, 2013 को छापेमारी के बाद एनआईए की टीम मेहरे आलम को लेकर मुजफ्फरपुर स्थित सिद्धार्थ लॉज में ठहरी हुई थी। इसी दौरान मेहरे आलम एनआईए की टीम को चकमा देकर फरार हो गया था। मेहरे आलम गांधी मैदान और पटना जंक्शन पर हुए बम ब्लास्ट के आरोपी मोनू का करीबी था। मेहरे आलम के फरार होने के बाद से ही एनआईए और पुलिस उसे तलाश कर रही थी लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आ पा रहा था। इसी बीच एसटीएफ की टीम को उसके दरभंगा में होने की जानकारी मिली। जिसके बाद एसटीएफ की टीम ने छापेमारी कर उसे धर दबोचा।
DARBHANGA: साल 2013 में पटना के गांधी मैदान में आयोजित पीएम मोदी की हुंकार रैली में ब्लास्ट करने के आरोपी मेहरे आलम को एसटीएफ की टीम ने दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ की टीम ने अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के सिंधौली गांव से शनिवार की रात बम ब्लास्ट के आरोपी को धर दबोचा और उसे अपने साथ ले गई। ब्लास्ट के आरोपी मेहरे आलम को गिरफ्तार करने के बाद एनआईए की टीम उसे लेकर मुजफ्फरपुर पहुंची थी, जहां से वह चकमा देकर फरार हो गया था।
दरअसल, साल 2013 के 27 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की सभा आयोजित थी। इसी दौरान गांधी मैदान और पटना जंक्शन पर कई ब्लास्ट हुए थे। ब्लास्ट की इस घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 82 लोग घायल हुए थे। इस मामले की जांच के दौरान NIA ने मेहरे आलम को कांड का आरोपी बनाया था। एनआईए की टीम ने मेहरे आलम को गिरफ्तार कर अपने साथ मुजफ्फरपुर पहुंची थी जहां उसकी निशानदेही पर मीरपुर में छापेमारी हुई थी हालांकि इस छापेमारी में एनआईए के हाथ कुछ नहीं लगा था।
29 अक्टूबर, 2013 को छापेमारी के बाद एनआईए की टीम मेहरे आलम को लेकर मुजफ्फरपुर स्थित सिद्धार्थ लॉज में ठहरी हुई थी। इसी दौरान मेहरे आलम एनआईए की टीम को चकमा देकर फरार हो गया था। मेहरे आलम गांधी मैदान और पटना जंक्शन पर हुए बम ब्लास्ट के आरोपी मोनू का करीबी था। मेहरे आलम के फरार होने के बाद से ही एनआईए और पुलिस उसे तलाश कर रही थी लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आ पा रहा था। इसी बीच एसटीएफ की टीम को उसके दरभंगा में होने की जानकारी मिली। जिसके बाद एसटीएफ की टीम ने छापेमारी कर उसे धर दबोचा।