ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Crime News: रंगदारी की मांग को लेकर बदमाशों ने घरों पर की पत्थरबाजी, दहशत में इलाके के लोग Bihar Crime News: रंगदारी की मांग को लेकर बदमाशों ने घरों पर की पत्थरबाजी, दहशत में इलाके के लोग बिहार के बड़े उद्योगपति अजय कुमार सिंह पर जानलेवा हमला, 50 से अधिक लोगों ने की गाड़ी में तोड़फोड़ बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, दो आरोपी पटना से गिरफ्तार बिहार की राजनीति के औरंगजेब हैं तेजस्वी यादव, RJD के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर बोले युवा चेतना के सुप्रीमो, कहा..अपने पिता को ही साईड कर दिया राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी ने किया ट्वीट, कहा..अब सत्य की विजय का दौर शुरू होगा Bihar School News: बिहार के एक लाख स्कूलों को करना होगा यह बड़ा काम, लास्ट डेट नजदीक; शिक्षा विभाग ने सभी DEO को जारी किया निर्देश Bihar School News: बिहार के एक लाख स्कूलों को करना होगा यह बड़ा काम, लास्ट डेट नजदीक; शिक्षा विभाग ने सभी DEO को जारी किया निर्देश बिहार में हैरान कर देने वाली घटना: समलैंगिक संबंध बनाने से इनकार करने पर मुंहबोली बुआ ने मौत के घाट उतारा, कई महिलाओं को भी बना चुकी है शिकार Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में दिखेंगे बिहार के 11 पंचायत जनप्रतिनिधि, पांच महिला मुखिया करेंगी नेतृत्व

पीएम का दौरा देख तेजस्वी ने किया नीतीश को असहज, सुशील मोदी से सीखी ये राजनीति

पीएम का दौरा देख तेजस्वी ने किया नीतीश को असहज, सुशील मोदी से सीखी ये राजनीति

12-Jul-2022 06:10 AM

PATNA : पिछले दो महीने से नेता प्रतिपक्ष एक तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार को लेकर शांत पड़े हुए थे। तेजस्वी के निशाने पर भारतीय जनता पार्टी तो रही लेकिन नीतीश कुमार का नाम उन्होंने उस वक्त से नहीं लिया जबसे नीतीश उनकी इफ्तार की दावत में गए थे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के ठीक पहले तेजस्वी ने एक बार फिर नीतीश सरकार पर निशाना साधा। सोमवार को तेजस्वी जब एनडीए सरकार के ऊपर हमला बोलने बैठे तो निशाने पर नीतीश भी थे यह अलग बात है कि तेजस्वी ने अपनी जुबान से नीतीश कुमार का नाम एक बार भी नहीं लिया। दरअसल तेजस्वी के इस काउंटर को बेहद सोची-समझी सियासत का हिस्सा माना जा रहा है। तेजस्वी यादव प्रधानमंत्री के दौरे के ठीक पहले नीतीश सरकार को आईना दिखाकर मुख्यमंत्री को असहज करना चाहते थे। यह अलग बात है कि तेजस्वी का यादव ये दांव सही पड़ा या नहीं इसकी तस्दीक आज हो पाएगी। 


दरअसल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को आज उसी मंच पर मौजूद रहना है जिस मंच पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित रहेंगे। इन दोनों नेताओं के बीच कैसी केमिस्ट्री दिखती है, इसपर तेजस्वी नजर गड़ाए बैठे होंगे। लेकिन कई मुद्दों पर नीतीश कुमार जिस तरह बीजेपी से अलग दिखे हैं, उन्हीं मुद्दों को लेकर तेजस्वी ने पीएम के दौरे के ठीक पहले नीतीश की घेराबंदी कर दी। तेजस्वी का यह अंदाज बीजेपी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी के जैसा था। सुशील मोदी कुछ इसी तरह से नीतीश कुमार को असहज कर राजनीति करते थे। जब लालू परिवार के ऊपर सीबीआई और केंद्रीय एजेंसियों ने शिकंजा कसा था, तब लगातार सुशील कुमार मोदी नीतीश कुमार से सवाल पूछते थे और उन्हें के सवालों से परेशान होकर असहज होते गए और नीतीश ने महागठबंधन से किनारा कर लिया था। अब तेजस्वी भी कुछ इसी तरह की सियासत करना चाहते हैं। 


हालांकि नीतीश कुमार की सियासत को जानने वाले अच्छे से समझते हैं कि नीतीश हर कदम सोच-समझकर उठाते हैं। सियासी नफा नुकसान को तोलकर ही नीतीश पाला बदलते हैं, लिहाजा जब तक भारतीय जनता पार्टी उनके एजेंडे को लागू होने देगी तब तक नीतीश एनडीए के साथ बने रहेंगे। तेजस्वी की तरफ से चलाए गए सियासी तीर को नीतीश बखूबी झेल सकते हैं। नीतीश राजनीति के इतने सधे हुए खिलाड़ी हैं कि बिना महसूस हुए वह प्रधानमंत्री के साथ सहज दिख सकते हैं और ऐसे में तेजस्वी का यह दांव खाली भी जा सकता है। जो भी हो इंतजार आज शाम का है, जब मंच पर पीएम मोदी भी होंगे सीएम नीतीश और तेजस्वी यादव भी।



PATNA : पिछले दो महीने से नेता प्रतिपक्ष एक तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार को लेकर शांत पड़े हुए थे। तेजस्वी के निशाने पर भारतीय जनता पार्टी तो रही लेकिन नीतीश कुमार का नाम उन्होंने उस वक्त से नहीं लिया जबसे नीतीश उनकी इफ्तार की दावत में गए थे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के ठीक पहले तेजस्वी ने एक बार फिर नीतीश सरकार पर निशाना साधा। सोमवार को तेजस्वी जब एनडीए सरकार के ऊपर हमला बोलने बैठे तो निशाने पर नीतीश भी थे यह अलग बात है कि तेजस्वी ने अपनी जुबान से नीतीश कुमार का नाम एक बार भी नहीं लिया। दरअसल तेजस्वी के इस काउंटर को बेहद सोची-समझी सियासत का हिस्सा माना जा रहा है। तेजस्वी यादव प्रधानमंत्री के दौरे के ठीक पहले नीतीश सरकार को आईना दिखाकर मुख्यमंत्री को असहज करना चाहते थे। यह अलग बात है कि तेजस्वी का यादव ये दांव सही पड़ा या नहीं इसकी तस्दीक आज हो पाएगी। 


दरअसल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को आज उसी मंच पर मौजूद रहना है जिस मंच पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित रहेंगे। इन दोनों नेताओं के बीच कैसी केमिस्ट्री दिखती है, इसपर तेजस्वी नजर गड़ाए बैठे होंगे। लेकिन कई मुद्दों पर नीतीश कुमार जिस तरह बीजेपी से अलग दिखे हैं, उन्हीं मुद्दों को लेकर तेजस्वी ने पीएम के दौरे के ठीक पहले नीतीश की घेराबंदी कर दी। तेजस्वी का यह अंदाज बीजेपी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी के जैसा था। सुशील मोदी कुछ इसी तरह से नीतीश कुमार को असहज कर राजनीति करते थे। जब लालू परिवार के ऊपर सीबीआई और केंद्रीय एजेंसियों ने शिकंजा कसा था, तब लगातार सुशील कुमार मोदी नीतीश कुमार से सवाल पूछते थे और उन्हें के सवालों से परेशान होकर असहज होते गए और नीतीश ने महागठबंधन से किनारा कर लिया था। अब तेजस्वी भी कुछ इसी तरह की सियासत करना चाहते हैं। 


हालांकि नीतीश कुमार की सियासत को जानने वाले अच्छे से समझते हैं कि नीतीश हर कदम सोच-समझकर उठाते हैं। सियासी नफा नुकसान को तोलकर ही नीतीश पाला बदलते हैं, लिहाजा जब तक भारतीय जनता पार्टी उनके एजेंडे को लागू होने देगी तब तक नीतीश एनडीए के साथ बने रहेंगे। तेजस्वी की तरफ से चलाए गए सियासी तीर को नीतीश बखूबी झेल सकते हैं। नीतीश राजनीति के इतने सधे हुए खिलाड़ी हैं कि बिना महसूस हुए वह प्रधानमंत्री के साथ सहज दिख सकते हैं और ऐसे में तेजस्वी का यह दांव खाली भी जा सकता है। जो भी हो इंतजार आज शाम का है, जब मंच पर पीएम मोदी भी होंगे सीएम नीतीश और तेजस्वी यादव भी।